ये बहुत दुखद है कि जिस देश में पेड़ों को बचाने के लिए चिपको जैसा महान आंदोलन चला हो, जिस देश में प्रकृति को पूजा जाता हो वहां के लोग अब पर्यावरण को लेकर बहुत उदासीन हो चुके हैं.
आवश्यकता इस बात की है कि बिश्नोई समाज आगे आकर अपनी प्रतिष्ठा हासिल करे और समाज में अपना योगदान दे. वरना उनके प्रतिनिधित्व के नाम पर आपराधिक तत्व ही छाए रहेंगे.
मोदी सरकार की कश्मीर नीति राज्य का स्टेटस बदलने और इस बात का निर्धारण करने में सफल रही है कि किस पर बात होगी और किस पर नहीं लेकिन इससे आतंकवाद का खात्मा हो जाएगा यह खयाली पुलाव है.
ये फिल्म दुश्मन को बड़ा दिखाने के चक्कर में गजनी शहर को रोम वाली भव्यता दे डालती है, जिसमें भव्य महल, हजारों की कैपिसिटी वाले विशाल स्टेडियम और शानदार इमारतें हैं. जबकि अपने सबसे अच्छे दिनों में भी ये एक मामूली सा शहर ही था.
डर यह है कि समान नागरिक संहिता के साथ संभवतः उभरने वाले हिंदू विजयोल्लास से खीज कर सेकुलर उदारवादी जमात धर्मनिरपेक्षता को भूल कर इस कदम का विरोध करने लगेगी.
यह सर्वेक्षण अपने विस्तार और गहराई में सचमुच प्रभावशाली है. इस सर्वेक्षण में तीसरी, पांचवी, आठवीं तथा दसवीं क्लास के विद्यार्थियों की तमाम बुनियादी विषयों की जानकारी जांच की जाती है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.