अगर भारत में प्रतिस्पर्धा कमजोर हो जाए तो इसे विदेशों में बचाया नहीं जा सकता. शॉर्ट टर्म कदम सहारा दे सकते हैं, लेकिन सुधारों के बिना, निर्यातक हमेशा कमजोर बने रहेंगे.
अमित शाह को लद्दाख में जनता की भावना के बारे में बेहतर जानकारी होनी चाहिए थी, यह देखते हुए कि पार्टी 2014 और 2019 में जीतने के बाद 2024 का लोकसभा चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार से हार गई.
रिश्वत दिए बिना घर बनाना, व्यवसाय चलाना या कुछ भी करना मुश्किल है. फिर भी, इस खुले, अनियंत्रित भ्रष्टाचार के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा अन्ना हज़ारे जैसी रैलियों में नहीं फूटेगा.
अग्रिम मोर्चों पर हवाई क्षमता बढ़ाने की भारतीय वायुसेना की योजना का चीन ने विरोध नहीं किया है लेकिन चुशूल के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व के मद्देनजर वह इसे फिर से विकसित किए जाने पर आपत्ति कर सकता है.
पाकिस्तान की फौज ऊंची बोली लगाने वाले के लिए किराये पर उपलब्ध रही है, चाहे वह मुस्लिम हो या ईसाई. पाकिस्तान कभी किसी मुसलमान की मदद के लिए आगे नहीं आया, चाहे वे फिलस्तीन के हों या गज़ा के; हां, वह शोर जरूर मचाता रहा है.
हालांकि आलोचक आरएसएस को उसकी वैचारिक हठधर्मिता के साथ जोड़ते हैं, लेकिन यह संगठन की गतिशीलता और लचीलापन ही है जो उसे इतनी प्रगति करने में सक्षम बनाता है.
आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.