धर्मेंद्र प्रधान से लेकर भूपेंद्र यादव और शिवराज सिंह चौहान तक, जब पार्टी के टॉप पद के लिए किसी ऑर्गनाइज़ेशनल व्यक्ति को चुनने की बात आई, तो पीएम नरेंद्र मोदी के पास कई विकल्प थे.
‘वीबी-जी-राम-जी’ कानून के बारे में यह दावा गलत है कि यह रोजगार की गारंटी देता है. यह केवल केंद्र सरकार के इस अधिकार की गारंटी देता है कि वह इसे केवल अधिसूचित क्षेत्रों में आंशिक रूप से लागू कर सकती है.
MGNREGA ने नागरिकों को राज्य के साथ बराबरी के स्तर पर जुड़ने का अधिकार दिया. VB-GRAMG उन्हें लाभार्थी के रूप में बदल देता है, जिन्हें एक दयालु नेता की उदारता पाने के लिए अपनी पात्रता साबित करनी होगी.
'पठान' अगर रूढ़िवादियों और उदारवादियों, दोनों को मुंह छिपाने की जगह मुहैया कराती है, तो ‘धुरंधर’ ऐसी कोई कृपा नहीं करती. आदित्य धर ने आडंबर के चंदोवे को फाड़ डाला है और चाकू को घुमा भी दिया है.
आरटीआई के एक आवेदन से सामने आया है कि जारी SIR 2.0 प्रक्रिया में, भारत के 90 लाख पंजीकृत दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) मतदाताओं में से लगभग आधे प्रभावित हुए हैं.
नफरत के दुष्चक्र में पड़े बिना हम यह साफ कह सकते हैं कि हम किससे जूझ रहे हैं—ISIS की वह विचारधारा, जिसमें दुनिया को सिर्फ आस्थावान और गैर-आस्थावान में बांट दिया जाता है.
यह एक ऐसा दुर्लभ मामला था जिसमें एक अधिकारी की निजी धार्मिक आस्था और सेना की धार्मिक परंपराओं के बीच टकराव हो गया. धर्म के राजनीतिकरण के मौजूदा वातावरण, और सेना की अधिकारी जमात द्वारा इसे बढ़ावा देने के मद्देनजर अब समय आ गया है कि आत्म-निरीक्षण और सुधार किए जाएं.