यह इंडियन मिलिट्री लीडर्स के लिए यह महसूस करने का समय है कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जनादेश को लागू करने में उनकी अक्षमता अंतर-सेवा और अंतर-सेवा असहमति के कारण है.
तमिलनाडु की स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK केंद्र-विरोधी, मोदी-विरोधी नैरेटिव को आगे बढ़ा रही है. लेकिन दो पूर्व आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व वाली राजनीति सीएम के लिए चिंता का संकेत दे रही है.
कोविड संबंधी जटिलताओं से होने वाली मौतें केवल इंजीनियरों और वैज्ञानिकों तक ही सीमित नहीं हैं; मशहूर हस्तियों को दी गई श्रद्धांजलियों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह संकट कितना बड़ा है.
बीजेपी ने अब तक जातिगत जनगणना के मुद्दे से किनारा कर रखा है. लेकिन ऐसे संकेत हैं जो सत्तारूढ़ खेमे में घबराहट नहीं तो बेचैनी और अस्पष्टता को प्रकट करते हैं.
ए.के. एंटनी की कांग्रेस को स्पष्ट रूप से 'हिंदू हाव- भाव' रखने की सलाह, उचित राजनीतिक स्टेकहोल्डर मुस्लिमों के प्रति रवैये को लेकर पार्टी की मुश्किल को उजागर करती है.
बेरोजगारी और शिक्षा सबसे बड़ी चुनौती है. वृद्धि के घरेलू स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता देश को उस तेजी से वंचित करेगी, जो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंच मिलने से आती है.
कार्बन-भारी उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग करने में दिक्कत हो सकती है क्योंकि पारंपरिक स्रोतों की तुलना में गैस की काफी मात्रा की आवश्कता होती है.
बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.