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Monday, 23 March, 2026
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डेमोग्राफी के नाम पर J&K का मेडिकल कॉलेज बंद कराया गया. हिंदू भी हो सकते हैं अल्पसंख्यक

यह घटना एक असहज लेकिन संवैधानिक रूप से सामान्य बात को सामने लाती है: जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनकी सुरक्षा क्षेत्रीय है, न कि "सभ्यतागत."

छोटे समझौते, बड़ा समय: ज्ञानरंजन की कहानियों में हमारे दौर का नैतिक नक्शा

जहां सुविधाजनक चुप्पियां आदत बन चुकी हैं, वहां ज्ञानरंजन की कहानियां आत्म-औचित्य, पलायन और रोज़मर्रा के नैतिक विचलनों को बेपर्दा करती हैं.

थैंक्यू मिस्टर ट्रंप: भारत को अब फ्री ट्रेड के डर से बाहर निकलकर सुधारों को तेज करने का मौका मिला है

ब्रिटेन, EFTA के साथ व्यापार समझौता झोली में आ चुका है, ईयू भी आने वाला है, चीन को छोड़ (उसके लिए भी प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है) ‘RCEP’ का हर सदस्य साथ आ गया है. व्यापार को लेकर भारत का दिमाग भी बदल गया है.

अमर्त्य सेन को SIR नोटिस दिखाता है कि भारत में ओवरसीज वोटिंग कितनी मुश्किल है

2024 के लोकसभा चुनाव में, वोटर लिस्ट में 1,19,374 रजिस्टर्ड विदेशी वोटर थे. हालांकि, असल में सिर्फ 2,958 लोगों ने ही वोट डाला. इनमें से 2,670 वोट अकेले केरल के थे.

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला ग्लोबल ऑर्डर का खात्मा है. कमजोर देशों के लिए यह एक बढ़ी चुनौती है

वेनेजुएला में ट्रंप की कार्रवाई से आज अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के सामने मौजूद विकल्पों पर सवाल खड़े होने की संभावना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर और अधिक दबाव पड़ेगा.

‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 25 साल—इस शो ने भारत को ‘एंग्री यंग मैन’ से दूर अमिताभ बच्चन दिया

बतौर अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने किरदारों की कहानी और उतार-चढ़ाव को जानते थे, लेकिन रियलिटी शो के एंकर के रूप में हर दिन नई चुनौतियां थीं.

विदेश मंत्रालय को ट्रंप के डर में नहीं जीना चाहिए. हम पहले भी निक्सन के समय इसे झेल चुके हैं

ऐसा लगता है कि ट्रंप ने पुरानी मान्यताओं को खारिज कर दिया है. उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. जहां तक ​​भारतीय बाज़ार की बात है, वह अपनी शर्तों पर एक्सेस चाहते हैं.

ताशकंद घोषणा में शास्त्री की नैतिक और वैचारिक जीत क्यों छिपी थी

अयूब खान के साथ अपनी द्विपक्षीय बातचीत में लाल बहादुर शास्त्री ने कहा कि हालांकि भारत ने कभी भी दो-राष्ट्र सिद्धांत को स्वीकार नहीं किया, लेकिन पाकिस्तान में कुछ तत्व इसे 'दो दुश्मन राष्ट्र' बनाने पर तुले हुए हैं.

शेख हसीना की तानाशाही को शह देने का खामियाजा भुगत रही है जातीय पार्टी

आलोचकों का कहना है कि जातीय पार्टी ने बांग्लादेश की उन चुनावी प्रक्रियाओं और सरकारी सत्ता को वैधता देने में मदद की, जिनकी विश्वसनीयता नहीं थी.

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध कब शुरू हुआ? ताशकंद शिखर सम्मेलन में एक बड़ा विवादित मुद्दा

भारत के अनुसार युद्ध 5 अगस्त को पाकिस्तान ने शुरू किया था, लेकिन पाकिस्तान के लिए 1965 के युद्ध की शुरुआत की तारीख 3 सितंबर थी.

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गुवाहाटी की चार सीट के लिए राजग उम्मीदवारों ने नामांकन से पहले संयुक्त रैली निकाली

गुवाहाटी, 23 मार्च (भाषा) सत्तारूढ़ गठबंधन की एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए, गुवाहाटी की चार विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.