अडानी समूह के पास रिपोर्ट को खारिज करने का अवसर था. लेकन ठीक से स्पष्टीकरण न दे पाने से सिद्ध होता है कि वे हिंडनबर्ग के निष्कर्षों की सत्यता की पुष्टि करने में विफल रहे.
इतिहास के परिप्रेक्ष्य में देखें, तो दुनिया फिर अपने पुराने ढर्रे पर लौट आई है, और इस बार सिर्फ उसके कर्ताधर्ता बदल गए हैं. इसमें शक्ति-प्रदर्शन के विभिन्न रूप शामिल हैं
सीएम योगी आदित्यानाथ उत्तर प्रदेश की 80 की 80 सीटें जीतने तो अखिलेश यादव दलित, महिलाओं, पिछड़ों और मुसलमानों के दम पर भाजपा के शासन की अंत की बात कर रहे हैं.
एक अस्पताल में नौकरी करने वाला और सैलरी पाने वाला डॉक्टर और एक खुद की प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर के लिए अलग-अलग प्रावधान क्यों है? यही सवाल हर दूसरे पेशे के लिए है.
अगर अखिलेश यादव सपा को सामाजिक न्याय के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं तो उन्हें नई शुरुआत करनी होगी. उनकी पार्टी के पिछले काम और विरासत से उन्हें कोई रास्ता नहीं मिलेगा.
बौद्ध महिलाओं की आवाज हमारे बीच से खो गई है. लेकिन नए शोध से पता चलता है कि व्यावसायिक और धार्मिक तौर पर वो काफी समृद्ध थीं और उन्होंने बौद्ध संघ की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया.
घोर आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान के पास जिहादी संकट का मुक़ाबला करने के लिए न तो साधन है और न हिम्मत. नतीजतन, जिहादियों की जीत के आसार मजबूत होते दिख रहे हैं.
ऐसा कहा जा सकता है कि यह सरकार का छोटा सा प्रयास है और अगर वह वाकई महिला सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर है तो वह आने वाले समय में कुछ और भी कर सकती है. इस दिशा में काफी गुंजाइश है.
जिन भारतीय बच्चों के पास स्मार्टफोन हैं, वे इसका ज़्यादातर इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं—जैसे फिल्में देखना या सोशल मीडिया चलाना—न कि पढ़ाई के लिए. क्या यही ‘डिजिटल इंडिया’ का सही इस्तेमाल है?