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Tuesday, 14 April, 2026
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वो तीन कारण जिससे देवेंद्र फडणवीस अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहे हैं

आदित्यनाथ अपनी कट्टर छवि को छोड़ने का जोखिम उठा सकते हैं क्योंकि वो आलाकमान की दखलंदाजी से बहुत आगे बढ़ चुके हैं लेकिन देवेंद्र फडणवीस का अभी वहां पहुंचना बाकी है.

गलवान हिंसा की बरसी से पहले झड़प का वीडियो लीक, इसके पीछे बीजिंग और इस्लामाबाद के हाथ होने की आशंका

शी जिनपिंग का निर्णय अब उन रक्षा बलों पर गहराई से छा गया है जो आंतरिक मंगोलिया से वास्तविक नियंत्रण रेखा तक विशाल सीमाओं की रक्षा करते हैं.

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तय करेगा 2024 में भारत का अगला प्रधानमंत्री?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का राजनीति और चुनाव में उपयोग आज उसी कगार पर है जैसे 2010 के दशक की शुरुआत में सोशल मीडिया.

ज्ञान और विज्ञान के विकास में यूरोप के चमकीले रिकॉर्ड के मुकाबले क्यों फिसड्डी रह गए मुगल

जिस दौर में भारत में मुगल शहंशाह और दूसरे राजा-महाराजा तलवार भांज रहे थे, शिकार कर रहे थे, मुजरा देख और सुन रहे थे और अपने लिए महल और मर चुके परिजनों के लिए मकबरे बना रहे थे, तब यूरोप पुनर्जागरण के बाद धर्म को शासन से अलग करने में जुटा था.

अगर राष्ट्रीय एकता की परवाह है तो परिसीमन के बहाने उत्तर-दक्षिण का द्वंद खड़ा मत कीजिए

लोकसभा की सीटों का आज की जनसंख्या के अनुपात में पुनर्वितरण लोकतांत्रिक लिहाज से तर्कसंगत लग सकता है, लेकिन यह उत्तर दक्षिण की खाई को गहरा करेगा, भारत की संघीय एकता को कमजोर करेगा.

उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास यदि राजनीतिक दिशा सूचक है, तो इसका चालू स्तर 2024 में BJP का बेड़ा पार लगाएगा?

उपभोक्ताओं के आत्मविश्वास का मौजूदा स्तर, और भावी को लेकर उनकी अपेक्षाएं मार्च 2019 के स्तर के करीब नहीं पहुंच पाई हैं, उन्हें मार्च 2020 में कोविड के हमले से पहले के स्तर से काफी ऊपर जाना जरूरी है 

कॉलेज की डिग्री, BBC ऐक्सेंट, फैमिली बैकग्राउंड सब पुरानी बातें हैं, भारत में अब नया एलीट क्लास उभर रहा

भारत का कारवां ऐसे लाखों अति प्रतिभाशाली लोगों द्वारा खींचे जा रहे विशालकाय रथ की तरह गति पकड़ते हुए आगे बढ़ रहा है, जिन्हें तैयार करना हमारे पुराने श्रेष्ठ संस्थानों के बस में नहीं हो सकता था.

मणिपुर और अराजकता के बीच केवल सेना ही खड़ी है. सरकार के एप्रोच का रिव्यू करने का वक्त

पूर्वोत्तर में सांप्रदायिक और बहुसंख्यकवादी तर्क लागू नहीं किए जा सकते. इसके लिए धर्मनिरपेक्ष और संवैधानिक शासन की आवश्यकता है, जो जातीय और जनजातीय हितों की रक्षा करता हो.

पलक झपकते ही अकाउंट से पैसे गायब- साइबर क्राइम के मामले में कानून और पुलिस दोनों क्यों हैं लाचार

देश में साइबर क्राइम का फैलाव कितना है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2021 में इसके कुल 52,000 मामले दर्ज हुए. यह संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है और लगभग दुगनी हो गई है.

पहलवानों का प्रदर्शन दिल्ली के शहरी क्लास के लिए निर्भया कांड जैसा नहीं, यौन हिंसा पर लोग पक्षपाती हुए

जबकि राष्ट्रवादी तबके से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी बयानबाजी होती रहती है, मोदी सरकार की चुप्पी ने दिखाया है कि भारत में लैंगिक समानता और सुरक्षा मूल चिंता नहीं है.

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बाबा साहेब का जीवन सभी के लिए सदैव पथप्रदर्शक रहेगा: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 14 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंगलवार...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.