कांग्रेस के दोबारा मजबूत हुए बिना, बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती नहीं दी जा सकती. मोदी की पार्टी बढ़ रही है और वह भी लगभग पूरी तरह कांग्रेस की कीमत पर.
अगर महिलाओं को समान इज़्ज़त देने की मांग को ‘किसी समुदाय को निशाना बनाना’ कहा जाए, तो शायद हर समुदाय को तब तक ‘निशाना’ बनाया जाना चाहिए जब तक बराबरी सबके लिए न हो जाए.
गठबंधन पार्टियों का वोट शेयर कम नहीं हुआ है. इस चुनाव का मुख्य संदेश यही है कि आपका पक्का वोट बैंक कोई नहीं छीन सकता. “दूसरों” को जोड़ने के लिए आपको गठबंधन बनाना ही होगा.
पीढ़ियों से बिहार की सबसे बड़ी समस्या इसकी शहरीकरण की भारी कमी रही है, लेकिन अब, बिहार भी शहरी हो रहा है. या यूं कहें, ‘रर्बन’ हो रहा है. नीतीश कुमार के दो दशकों के शासन ने उसके शहरों में एक नया एलीट वर्ग खड़ा कर दिया है.
आम धारणा यह है कि अगर कोई सरकार लोगों की हालत नहीं सुधारती, तो उसे सज़ा मिलती है, लेकिन नीतीश कुमार ने 20 साल में आर्थिक बदहाली के बीच सरकार चलाई और फिर भी भारी बहुमत से जीत गए.
मुगल दौर के बंदरगाहों से लेकर डचों से हुए समुद्री युद्धों और बॉम्बे के व्यापारी घरानों तक — गुजराती मुस्लिमों ने कभी हिंद महासागर की दुनिया को आकार दिया था, बहुत पहले, जब उनके एक वंशज ने न्यूयॉर्क जीता.
लेफ्टिनेंट जनरल हरदेव सिंह लिड्डर की किताब ऑपरेशन सर्प विनाश बताती है कि 2003 में राजौरी-पुंछ इलाके से आतंकियों के ठिकाने खत्म करने का भारतीय सेना का अभियान आज भी क्यों अहम है.
गाज़ा में संघर्ष के दोनों पक्ष अगर किसी एक देश पर भरोसा करते हैं तो वह भारत ही है. इजरायल कुछ अरब तथा मुस्लिम देशों पर भरोसा नहीं करता, और फिलस्तीन को किसी पश्चिमी देश के प्रभाव या भागीदारी का संदेह है.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.