‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को इस विवाद में उलझाना निंदनीय और दुखद है कि वास्तव में कितने कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई थी. एक भीषण हत्याकांड को हम मौतों के आंकड़े पर विवाद में उलझा रहे हैं
भाजपा को हराना है तो या तो आप उसे बड़ी संख्या में हिंदू वोटों से वंचित करें या एक ऐसा मजबूत क्षेत्रीय नेता और ऐसी पार्टी खड़ी करें जो अपना किला बचाने की कुव्वत रखता हो. और ऐसा करने के लिए तीसरा उपाय भी है.
यूक्रेन ने 1994 के बुडापेस्ट समझौते के बाद अपने परमाणु हथियारों का भंडार छोड़ न दिया होता तो क्या आज जेलेंस्की के यूक्रेन को रूस के पुतिन इतनी आसानी से दबा पाते?
पंजाब के सामने कई खतरे हैं. लगभग सारे खतरे आंतरिक हैं और अधिकतर के लिए खुद पंजाब के लोग जिम्मेदार हैं. जब तक वे अपने गिरेबान में नहीं झांकेंगे तब तक उनकी भावी पीढ़ियों को लगातार पतन की ओर बढ़ रही परिस्थितियों में जीना पड़ेगा.
उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवा नाराज हैं और योगी उन्हें जिन्ना और सरदार पटेल के बीच चुनने का जो विकल्प पेश कर रहे हैं वह उनसे ‘रोटी नहीं है तो केक खाओ’ कहने जैसा ही है.
मोदी राष्ट्रीय स्तर पर भले बेहद लोकप्रिय हों लेकिन अधिकतम राज्यों में चुनाव जीतने में उनकी अक्षमता,
राज्यों में उनके विरोधियों की भारी लोकप्रियता भारतीय राजनीति को एक शक्तिशाली संघीय ढांचे की ओर ले
जा रही है.
पाकिस्तान का नया नीति दस्तावेज़ यही उजागर करता है कि तीन दशकों में पहली बार वह अपने गिरेबान में झांक रहा है, उसे अपनी हैसियत में गिरावट और अमेरिका से दोस्ती टूटने का एहसास हो रहा है.
गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं. द्रविड कोच और लक्ष्मण एनसीए के प्रमुख हैं. सर्वविजेता टेस्ट कप्तान कोहली अब निशाने पर क्यों हैं यह समझना मुश्किल है इसलिए तमाम क्रिकेटप्रेमी नाराज हैं.
मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.