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Saturday, 11 April, 2026
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नेशनल इंट्रेस्ट

भारत के पड़ोस में जनांदोलनों के बाद शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र की मजबूती की मिसाल है

लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.

ट्रंप अगर अपनों को शर्मसार कर रहे हैं, तो मोदी विदेश में संयम और घर में विनम्रता अपनाएं

डॉनल्ड ट्रंप ने मानमर्दन का दौर ला दिया है, उनका तरीका अमेरिका के मित्रों पर खुलकर अशिष्टता के साथ धौंस जमाने वाला रहा है. ट्रंप को मालूम है कि उनमें से कोई भी उनका प्रतिकार नहीं कर सकता.

तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

क्या कोई देश पूरी तरह संप्रभु है? ट्रंप की डिप्लोमेसी और कोल्ड वॉर से भारत ने क्या सीखा?

भारत का तनावग्रस्त पड़ोस उसके लिए रणनीतिक विकल्पों को कई तरह से सीमित करता है. ऐसे में आपके पास गहरी सांस लेने, आराम से सोचने का मौका नहीं है.

दुनिया का नया खेल: ट्रंप वक्त जुटाने, चीन ताकत बढ़ाने, भारत अपने लिए जगह ढूंढने में जुटा

हर देश अब यह खेल खेलना सीख रहा है. कुछ देश नए सहयोगी ढूंढ रहे हैं या उन देशों की अहमियत समझ रहे हैं, जिनमें पहले उनकी बहुत कम दिलचस्पी थी. इसका सबसे साफ उदाहरण भारत और यूरोप हैं.

डियर नरेंद्रभाई: बांग्लादेश चुनाव से भारत–बांग्लादेश के रिश्तों को ‘रीसेट’ करने का मौका है

अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.

स्विस रिपोर्ट: अब ऑपरेशन सिंदूर बहस को खत्म कर देना चाहिए. यह जानना भी अहम है कि लड़ाई कब रोकनी है

किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.

दावोस के सन्नाटे में उभरती नई दुनिया: मिडल पावर्स और ‘ट्रंप पीड़ित’ एलायंस का गुटनिरपेक्षता 2.0

चीन को छोड़ कोई भी देश ट्रंप के साथ बराबरी की हैसियत से बात नहीं कर सकता. इसलिए, जो ‘मिडल पावर’ देश इन बहुपक्षीय संगठनों के मूल आधार थे वे आज बेसहारा महसूस कर रहे हैं.

पाकिस्तान से आज़ादी: भारत, आगे बढ़ो और उसे इतनी अहमियत देना बंद कीजिए

पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.

थैंक्यू मिस्टर ट्रंप: भारत को अब फ्री ट्रेड के डर से बाहर निकलकर सुधारों को तेज करने का मौका मिला है

ब्रिटेन, EFTA के साथ व्यापार समझौता झोली में आ चुका है, ईयू भी आने वाला है, चीन को छोड़ (उसके लिए भी प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है) ‘RCEP’ का हर सदस्य साथ आ गया है. व्यापार को लेकर भारत का दिमाग भी बदल गया है.

मत-विमत

दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार पर ‘श्वेत पत्र’ जारी करने संबंधी प्रधानमंत्री...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.