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Monday, 5 January, 2026
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मेरी जां मुझे खबर है

मिलेनियल्स ने इंडिया शाइनिंग देखा है, वो 70 साल के नहीं बल्कि 30 साल के भारत पर मोदी को जज करेंगे

अधिकांश भारतीय मिलेनियल्स की राजनीतिक स्मृति अटल बिहारी वाजपेयी से शुरू होती है, जवाहरलाल नेहरू से नहीं. इसलिए, प्रधान मंत्रीनरेंद्र मोदी को पिछले 30 वर्षों के संदर्भ में आंका जाएगा, और निश्चित रूप से 70 वर्षों से फर्क नहीं पड़ने वाला.

कपिल मिश्रा से लेकर पायल रोहतगी तक भारत के ‘नए बुद्धिजीवी’ पुराने चिंतकों को अप्रसांगिक बना रहे हैं

क्या अरुंधति रॉय, रामचंद्र गुहा या फिर प्रताप भानु मेहता कभी लोगों को एक साल में इतना 'इतिहास और विज्ञान' पढ़ लेने और 'शिक्षित' करने के लिए प्रेरित कर सकते?

न्यू इंडिया के पास अपनी सभी समस्याओं का आसान सा हल है- मुसलमानों पर दोष मढ़ दो

मुस्लिम एंगल ये बात तो सुनिश्चित कर देता है कि मूक बने रहने वाले मंत्री रातोंरात सामाजिक कार्यकर्ता बन जाएं और बहुसंख्यकों को एक नया मुद्दा मिल जाए ताकि कट्टरता की खुराक में कोई कमी ना आने पाए.

यूपी और बिहार से कोविड के दौर में रिपोर्टिंग के वो 72 घंटे जहां हमने मृत्यु और जन्म दोनों देखे

जिस देश में अभी भी अखबारों से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें गायब नहीं हुईं हैं वहां हम रेखा को उनके हाल पर नही छोड़ सकते थे. उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही हम अपनी रिपोर्टिंग में व्यस्त हुए.

ब्वॉयज लॉकर रूम से लेकर आईटी सेल के पुरुषों तक भारत में बलात्कार की संस्कृति बिना किसी शर्म और नतीजों की परवाह किए पल...

अगर दिल्ली के स्कूली लड़के इंस्टाग्राम पर निजी चैट्स में माइनर लड़कियों के साथ बलात्कार की योजना बनाते हैं, तो राजनीतिक दलों के आईटी सेल सार्वजनिक रूप से ट्विटर और फेसबुक पर महिलाओं को धमकी देते हैं.

कोरोना महामारी में लोकतंत्र को कोसने वाले ध्यान रखें, तानाशाह के लिए भी तानाशाही अच्छी नहीं

जिंदगी केवल एक बार किसी महामारी के दौरान बच निकलने के बारे में ही नहीं है. इसके मायने उससे भी अधिक हैं. ये कला, साहित्य, सिनेमा और सबसे महत्वपूर्ण हर तबके के लोगों से जुड़ने के बारे में भी है.

बॉलीवुड वालों सिंहासन खाली करो कि ‘बैकबेंचर्स’ आते हैं

बॉलीवुड के 'बैकबेंचर्स', जिन्हें अक्सर साइड रोल्स के लिए याद और सेलिब्रेट किया जाता है, सोशल मीडिया पर खानों की प्रसिद्धि को ध्वस्त कर रहे हैं.

अगर रविंद्र जडेजा का बल्ला राजपूताना है तो क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बैट तैमूरी हैं

आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर जडेजा की क्लिप को एक लाख से अधिक लोगों द्वारा देखा जाना इस बात को दर्शाता है कि हम आंबेडकर के जातिविहीन समाज के सपने से बहुत दूर खड़े हैं.

भारत में कोरोनावायरस के युग में दबंग पुलिस कैसे हर दिल अज़ीज़ बन गई

जब पुलिस गरीबों की मदद नहीं कर रही होती है या यूपी पुलिस की तरह मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए चलाई गई फेक खबरों का खंडन नहीं कर रही होती तो वो ग्राउंड पर गानें गाती हुई दिखाई देती है.

कोरोनावायरस ने बता दिया कि देश में पप्पू कौन है- हाशिए पर खड़ा आदमी

21 दिनों के बाद एक नया हिंदुस्तान नजर आएगा. एक तरफ कालिदास और वराहमिहिर की औलादें होंगी, दूसरी तरफ लाइफ क्रूसेड में बच गये लोग.

मत-विमत

NEP के पांच साल बाद: ‘डिज़ाइन योर डिग्री’ के ज़रिये जम्मू-कश्मीर ने दिखाया आगे का रास्ता

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भारतीय विश्वविद्यालयों का योगदान अब भी कम है, खासकर जब इसकी तुलना एमआईटी और इम्पीरियल कॉलेज जैसे विदेशी संस्थानों से की जाती है.

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राजनीति

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बलात्कार-हत्या के दोषी राम रहीम को 8 साल में 15वीं पैरोल, जेल से बाहर 400 दिन से अधिक बिताए

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को 40 दिन की पैरोल दी गई है, जबकि कुछ महीने पहले ही अगस्त 2025 में उनके 58वें जन्मदिन से पहले उन्हें इसी अवधि की पैरोल दी गई थी.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.