भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने रूस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यूक्रेन जो अपना खून बहा रहा है, वह वहां फंसे हुए विदेशी छात्रों की मदद कर रहा है.
दिल्ली के सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (एसआरबी) ने देविंदर पाल सिंह भुल्लर पर अपना फैसला टाल दिया है, जिसकी रिहाई की कोशिशें सिख समूह और एसएडी की तरफ से पंजाब चुनाव से पहले से की जा रही हैं.
यूक्रेन में पिछले हफ्ते शुरू हुए रूस के हमलों के बाद से हजारों की संख्या में भारतीय छात्रों का इस यूरोपीय देश से बाहर निकलना किसी कठिन चुनौती से कम नहीं है.
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.