प्रवर्त्तन निदेशालय ने सोमवार को एमवे इंडिया की 757.77 करोड़ रुपए की संपत्ति क़ुर्क़ कर ली. ED का आरोप है कि कंपनी का फोकस अपने उत्पाद बेचने पर नहीं, बल्कि अमीर बनने की योजनाओं में लोगों को शामिल करना है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि पीड़ितों को पुलिस की तरफ से धमकियां मिल रही हैं और शासन से कोई मदद नहीं मिल रही. कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले में NHRC और राज्य मानवाधिकार आयोग से पूछा है कि क्या वे शिकायतों की जांच कर सकते हैं.