पीएचडी स्कॉलर्स और प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप खत्म कर दी गई है. वित्त मंत्री ने कहा था कि 2022 से पहले चयनित लोगों को फंड मिलेगा, लेकिन छात्रों का दावा है कि पैसे नहीं दिए गए.
जब सीयूईटी को एक साल पहले पेश किया गया था, तो डर था कि कोचिंग सेंटरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. यह अभी तक समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन संकेत हैं कि यह समय की बात हो सकती है.
रूस-यूक्रेन युद्ध के समय बीजेपी ने पीएम मोदी को ऐसे ‘विश्वगुरु’ के रूप में दिखाया था, जो दुनिया के झगड़े खत्म कर सकते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया युद्ध के मामले में पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है.