समूह ने कहा कि 10 सबसे धनी लोगों पर एकमुश्त 99 प्रतिशत कर लगाने से 800 अरब डॉलर मिल सकते हैं और इसका इस्तेमाल कई सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है.
अधिकारियों ने बताया कि यह आरोप है कि रंगनाथन महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए गए पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट के संभावित लाभार्थियों से रिश्वत ले रहे थे.
मोदी सरकार ने कॉर्पोरेशन टैक्स में परिवर्तन इस दृष्टि से किए थे कि इससे उसके राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा मगर वास्तव में ऐसा हुआ क्या? नहीं हुआ तो वित्त मंत्री को देखना चाहिए कि टैक्स में किन छूटों को खत्म किस जा सकता है.
वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘दिसंबर 2021 में व्यापारिक निर्यात 37.81 अरब डॉलर था जो दिसंबर 2020 में 27.22 अरब डॉलर था. यह 38.91 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है.’
सरकार को वोडाफोन में 35.8% की हिस्सेदारी की सार्वजनिक बिक्री करने की नियम आधारित व्यवस्था भी तैयार कर लेनी चाहिए ताकि बाद की सरकारें इसे सार्वजनिक उपक्रम न मान बैठें.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?