आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 22-23 में राज्यों के पूंजीगत व्यय में 38.4% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन वास्तविक खर्च में अप्रैल-अक्टूबर 2022 में साल-दर-साल केवल 0.9% की वृद्धि दर्ज की गई.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'