हालांकि आरबीआई बढ़ती महंगाई और उधार को रोकने के लिए रेपो रेट बढ़ा रहा है, लेकिन इसने कर्जदारों को हतोत्साहित नहीं किया है. क्रेडिट में वृद्धि को आंशिक रूप से 'दबी हुई मांग' के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.
पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.