कुमार के अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि नंद कुमार बघेल अत्यंत ही वृद्ध हैं व उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. साथ ही उन पर लगाया गया आरोप आजीवन कारावास के अपराधों की श्रेणी में नहीं आता है.
अपने करीबी लोगों द्वारा एक प्रगतिशील किसान माने जाने वाले, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए वकालत करना 86 वर्षीय नंद कुमार बघेल के जीवन का एक तरीका रहा है.
यूएपीए के तहत गिरफ्तार किये गये खालिद और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 में भड़के दंगों की साजिश रचने के आरोप हैं. दंगों में 53 लोगों की मृत्यु हो गयी थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गये थे.
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ में मामले की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का भी निर्देश दिया.
सुलतानपुर के सरैया मझौवा गांव में सेवानिवृत्त सूबेदार शिवप्रसाद पाठक गत एक अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे बेटे शिवांक के शव को न्याय पाने के लिए डीप फ्रीजर में रखा है.
अधिकारियों ने बताया कि कॉन्स्टेबल राकेश (35) को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत नाजुक है. कॉन्स्टेबल के इस कदम के पीछे की वजह फिलहाल साफ नहीं है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब तक की जांच में साजिश के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. सीबीआइ की ओर से उच्चतम न्यायालय में इस मामले में सोमवार को प्रगति रिपोर्ट दायर की गई थी.
सोमवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का दावा है कि इस चार लोगों ने लड़की के परिवारवालों को उसका दाह-संस्कार करने के लिए धमकाया, स्थानीय निवासियों और परिवार के विरोध के बाद मामले में बलात्कार के आरोप जोड़े गए.