ओमीक्रॉन स्वरूप इसके डेल्टा स्वरूप की तुलना में कम से कम तीन गुना अधिक संक्रामक है और आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय किए जाने के साथ ही जिला और स्थानीय स्तर पर सख्त और तेजी से रोकथाम कार्रवाई की जानी चाहिए.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने और मामले की सकारात्मकता, दोहरीकरण दर और नए मामलों के समूह की निगरानी करने और क्रिसमस तथा नए साल से पहले स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की सलाह दी गई है.
देशभर में ओमीक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़ रही है. हिमाचल, पश्चिम बंगाल और पंजाब समेत कई राज्यों में स्कूल के बच्चों में कोरोना के मामले पाए जा रहे हैं, जिससे देश में एक बार फिर कोरोना का डर पैदा हो गया है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरूवार को बताया कि महाराष्ट्र में ‘ओमीक्रॉन ’ स्वरूप के सबसे अधिक 65 मामले, दिल्ली में 64, तेलंगाना में 24, राजस्थान में 21, कर्नाटक में 19 और केरल में 15 मामले सामने आए हैं.
डीडीएमए ने अपने आदेश में कहा, ‘सभी जिलाधिकारी अपने अधिकार में आने वाले पूरे क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण करेंगे और उन बस्तियों, मोहल्लों के बाजारों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की पहचान करेंगे, जिनमें ओमीक्रोन के तेजी से फैलने की आशंका है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दिल्ली में ‘ओमीक्रॉन’ स्वरूप के सबसे अधिक 57 मामले, महाराष्ट्र में 54, तेलंगाना में 24, कर्नाटक में 19, राजस्थान में 18, केरल में 15 और गुजरात में 14 मामले सामने आए हैं.