नेपाल में Gen-Z मूवमेंट के बाद से चीन थोड़ा शांत रहा है क्योंकि बीजिंग की अपनी रेड लाइन्स हैं, खासकर 1989 के तियानआनमेन स्क्वायर प्रोटेस्ट्स के बाद, जो लोकतंत्र के समर्थन में एक बड़ा आंदोलन था.
आतंकियों ने जिस GoPro कैमरे से हमले की जगह की रेकी की, वह हमले से एक साल पहले चीन के डोंगगुआन में एक्टिव हुआ था. अब NIA लेटर रोगेटरी के जरिए रिकॉर्ड मांगेगी.