एम्स आरडीए के सेक्रेटरी का कहना है कि दिल्ली में काम करने वाले हरियाणा और यूपी के डॉक्टर वापस जाएं और घर पर रहें. केंद्र सरकार भाजपा शासित राज्यों को भी मनाने में सक्षम नहीं है.
डॉक्टरों का कहना है कि हर अस्पातल से पीपीई के इस्तेमाल और स्टाक का आंकड़ा मांग लिया जाए तो पता चल जाएगा कि कोविड पॉज़िटिव स्वास्थ्यकर्मियों के लिए कौन जिम्मेदार है.
दिल्ली सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए 40 बसें भेजी हैं और पूरी उम्मीद है कि शनिवार तक वापस लौट आएंगे. जबकि प्रवासी मजदूरों की वापसी को लेकर अभी बातचीत राज्य प्रतिनिधियों से चल रही है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्रोटोकॉल के हिसाब से आरटीपी-सीआर किट ही इस्तेमाल करना हैं. रेमडेसिवीर पर आए ताज़ा अध्ययन के बाद और व्यापक डेटा का इंतज़ार है.
राजधानी के ‘मजनू का टीला’ के पास झुग्गी बस्ती में 140 परिवार रहते हैं. इनमें से दो हिंदुस्तानी और बाक़ी के पाकिस्तान से आए रिफ्यूजियों का परिवार है. लॉकडाउन का दूसरा चरण समाप्त होने से पहले इनमें से ज़्यादातर के पास राशन ख़त्म हो रहा है.
पिछले 24 घंटों में 1396 नए मामले आए हैं जिसके बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 27892 हो गई है. इनमें से 20,835 लोग मेडिकल सुपरविजन में हैं और पिछले 24 घंटों में 381 मरीज़ ठीक हुए हैं.
एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने दिप्रिंट से कहा है कि 137 करोड़ की आबादी में अगर 5 फीसदी लोगों का भी कोरोना संक्रमण टेस्ट करें तो 7 करोड़ टेस्ट किट लगेंगे इतने तो पूरी दुनिया के पास भी नहीं हैं.
एंटरप्रेन्योरशिप को एक वैध करियर विकल्प के रूप में सामान्य बनाने का श्रेय काफी हद तक उस पहचान और महत्व को जाता है जो नीतियों के जरिए स्टार्टअप्स को दिया गया है.