पिछले चार महीने से हिंदुराव और कस्तूरबा गांधी अस्पतालों के डॉक्टरों को सैलरी नहीं मिली है. सैलरी की मांग को लेकर दोनों अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. अपने साथियों के समर्थन में दूसरे अस्पतालों के डॉक्टर उपवास पर हैं या फिर काली पट्टी बांध कर काम कर रहे हैं.
भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. यह आंकड़ा 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख की संख्या को पार कर गया.
दिप्रिंट को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा, कि जनसंख्या और महामारी विज्ञान से जुड़े कुछ ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से केरल कोविड की चपेट में आ जाता है.
डॉक्टरों के संगठन ने आयुष को बढ़ावा देने पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किए थे, वहीं आयुष वैज्ञानिकों ने पूछा है कि प्रभावी होने का कोई प्रमाण न होने के बावजूद एचसीक्यू का इस्तेमाल क्यों किया गया.
शैलजा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों के चलते ही राज्य में कोरोनावायरस के कारण मृत्यु दर 0.36 फीसदी बनाकर रखी जा सकी है, वह भी तब जब संक्रमण के मामले यहां बढ़ रहे हैं.
देश में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 69 लाख के पार हो गई है. हालांकि संक्रमितों और मरीजों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है पिछले 24 घंटे में 70 हजार लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 964 और लोगों की मौत हुई है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.