राष्ट्रीय राजधानी में निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या में भी वृद्धि हुयी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निषिद्ध क्षेत्र की संख्या रविवार को अब बढ़ कर 3,878 हो गयी है जो शनिवार को 3,857 थी.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.