पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि आईएमए अधिकारियों में आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में समझ की कमी है और पतंजलि को ‘उनके लिए जरूरी प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने में खुशी होगी.’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने कहा कि कोविड-19 टीके की छह करोड़ से अधिक खुराक 76 देशों को भेजी गयी हैं जबकि देश में लोगों को अब तक साढ़े चार करोड़ खुराक लगायी गयी हैं.
आयुष मंत्रालय ने आयुष बाज़ार के आकार का आंकलन करने के लिए एक फोरम बनाया था, जिसमें वीको, डाबर, हिमालया, झंडू इमामी और बैद्यनाथ जैसे, शीर्ष हर्बल दवा निर्माताओं की लॉबियां शामिल हैं.
लोकल सर्कल्स के सर्वेक्षण से ये भी पता चलता है, कि 30% उत्तरदाताओं ने कोविड-19 कार्यक्रम में अनियमितताएं देखी हैं, जिनमें को-मोरबिडीटीज़ के झूठे प्रमाणीकरण और वैक्सीन्स के लिए रिश्वत आदि शामिल हैं.
शोधकर्त्ताओं के मुताबिक, जिनमें मेयो क्लीनिक के रिसर्चर्स भी शामिल हैं, पोलियो, एचआईबी, एमएमआर, वैरिसेला, पीसीवी13, जेरियाटिक फ्लू और हेपिटाइटिस ए, हेपिटाइटिस बी के वैक्सीन, कोविड-19 से कुछ हद तक सुरक्षा देते हैं.
नए सर्वेक्षण में कहा गया है कि उसे पिछले साल की खरीद में कुछ ‘बहुत दिलचस्प’ रुझान पता चले हैं और हेल्थकेयर चिकित्सक भी कुछ मामलों में मरीज़ों को प्रोटीन पाउडर्स लेने को कह रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये मंथन का विषय है कि आखिर कुछ क्षेत्रों में ही टेस्टिंग और टीकाकरण कम क्यों हो रहा है. हमें जहां जरूरी हो माइक्रो कंटेनमेंट ज़ोन बनाने के विकल्प पर भी काम करना चाहिए.