दिल्ली, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, और पंजाब समेत कुछ राज्यों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त खुराक नहीं हैं जिससे वे 18 से 44 आयु वर्ग के लिये टीकाकरण अभियान शुरू कर पाएं.
नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमेटी के मौजूदा अनुमान बताते हैं कि अगले सप्ताह के शुरू में दूसरी कोविड लहर के चार लाख मामलों के आसपास पीक पर पहुंचने की अपेक्षा है, जिसमें 20,000 मामले कम या ज़्यादा हो सकते हैं.
पिछली टीम में सिर्फ सिविल सर्वेंट्स थे. नई टीम में, सभी नौ सदस्यों को राज्य में महामारी से निपटने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और इसमें मंत्रियों को भी शामिल किया गया है.
दिप्रिंट ने एक वार्ड-स्तरीय कोविड वार रूम में घंटों बिताए जहां 16 लोगों की एक टीम अस्पताल में बेड की तलाश कर रहे रोगियों के फोन अटेंड करने के लिए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि पिछला महीना सबसे व्यस्त रहा.
उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 31,70,228 हो गयी है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.90 प्रतिशत है. लोगों के ठीक होने की दर घटकर 81.99 प्रतिशत हो गयी है.
भारत में कोविड संकट का असर दिखाने की कोशिश में जुटे विदेशी मीडिया आउटलेट के लिए इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार लगातार निशाने पर रही है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?