गुजरात की राजधानी से करीब 170 किलोमीटर की दूरी पर भावनगर स्थित कोविड देखभाल केंद्र में 'मामूली आग लगने और धुआं उठने के बाद' कोरोना वायरस के कुल 61 मरीजों को अन्य अस्पतालों में ले जाया गया.
मंत्रालय ने कहा कि 61 दिनों में पहली बार ऐसा हुआ है कि संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या नए संक्रमितों की संख्या से अधिक रही. देश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों में से 16.16 प्रतिशत का फिलहाल इलाज चल रहा है.
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित इस सेंटर का मुख्य काम हल्के और मध्यम कोविड मामलों जिनका ऑक्सीजन स्तर 85 और उससे अधिक हैं उनका इलाज करना है.
2018 के आंकड़ों के मुताबिक, देश की आबादी के लिहाज से सबसे कम अनुपात में डॉक्टर बिहार में ही हैं. इसलिए आमतौर पर ‘झोला-छाप डॉक्टरों’ के नाम से चर्चित नीम-हकीम ग्रामीण क्षेत्रों में खासा सम्मान पाते हैं.
बिहार की राजधानी पटना में कोविड के सबसे ज्यादा मरीज हैं, लेकिन शहर के दो सरकारी अस्पतालों के ICU में अभी भी कई बेड खाली हैं. डॉक्टरों का मानना है कि लोगों का विश्वास कम हुआ है.
भारत में कोविड-19 के मामले पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे.
पिछले एक महीने में, कोविड-19 से संक्रमित होने वाले, क़ैदियों और जेल स्टाफ की संख्या तेज़ी से बढ़ी है. पिछले सप्ताह, दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर स्वीकृति मांगी थी, कि 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी क़ैदियों को, टीके लगाने दिए जाएं.
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है. मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?