एम्स में बाल रोग के प्रोफेसर डॉ. वी.के. पॉल नीति आयोग में सदस्य (स्वास्थ्य) हैं. वह कोविड-19 संबंधी कम से कम चार पैनल के प्रमुख हैं और एक उच्चाधिकार प्राप्त समूह का हिस्सा हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिलों में चिकित्सा के साथ ही हर चीज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना भी जरूरी है और अपनी जरूरतों को तेजी से रेखांकित करके, उनका प्रबंध भी करना है.
आईएमए कोविड-19 रजिस्ट्रेशन के अनुसार, कोरोना की पहली लहर में 748 चिकित्सकों की मौत संक्रमण से हुई थी. जबकि दूसरी लहर घातक है और अब तक इससे देशभर में 270 डॉक्टरों की जानें जा चुकी है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 2,63,533 नए मामले सामने आए हैं. पिछले 28 दिन में सामने आए यह सबसे कम मामले हैं.
जामताड़ा जिला के जिलाधिकारी ने झोलाछाप से कहा है कि वह गांव-गांव जाकर लोगों का प्राथमिक उपचार करें. सरकार उन्हें कोविड किट, ऑक्सीमीटर आदि मुहैया कराएगी. इसके अलावा गुमला, खूंटी जिले में भी सिविल सर्जन ने सभी पीएचसी, सीएचसी के प्रभारियों से झोलाछाप को प्रशिक्षित करने को कहा है.
कर्नाटक HC द्वारा नियुक्त पैनल का कहना है, कि 2 मई तक अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई, ‘पूरी तरह ख़त्म हो गई थी’- जिस दिन 36 में से 24 मौतें हुईं. रिपोर्ट पिछले हफ्ते HC में पेश की गई.
मनीष सिसोदिया ने कहा फिलहाल दिल्ली के पास 45 साल एवं उसके ऊपर के लोगों के लिए टीकों का चार दिनों का भंडार है जबकि 18-44 साल के उम्र वर्ग के लिए टीकों का भंडार तीन दिनों में खत्म हो जाएगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित की गयी कोविड-19 रोधी दवा 2-डीजी की पहली खेप सोमवार को जारी की.
देश में कोविड से लड़ने के लिए कई समितियां काम कर रही हैं– कुछ महामारी की शुरुआत में बनी थीं, और एक इससे पहले की थी – टीकों से लेकर मेडिकल इन्फ्रा तक कई मोर्चों पर देखरेख कर रही हैं.