जिरोगा मधुबनी जिले के 21 विकास खंडों में से एक लौकाही का हिस्सा है. यहां टेस्टिंग कैंप उसके पड़ोसी गांव भरफोरी में 13 कोविड केस सामने आने के तीन दिन बाद लगाया गया था.
देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में भी गिरावट आई है और अभी 27,20,716 लोगों का कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 10.17 प्रतिशत है
जींद के गांवों में कोविड जैसे लक्षणों से हो रहीं मौतों में बढ़ोतरी के साथ, हवन के आयोजकों को लगता है कि इससे हवा में मौजूद वायरस को मारने में मदद मिलेगी और संक्रमित लोग ठीक हो जाएंगे.
मध्य प्रदेश के आदिवासी-बहुल ज़िले पन्ना में, ग्रामीणों का कहना है कि वो ‘अपने आप कोविड से ठीक हो गए हैं’. उन्हें अब वैक्सीन नहीं चाहिए, और कहते हैं कि सुईं की बजाय, वो वायरस से मरना पसंद करेंगे.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'सरकार प्रदेशवासियों के जीवन और जीविका को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है और इसी भावना के साथ हमने कोविड की इस दूसरी लहर में आंशिक कोरोना कर्फ्यू की नीति अपनाई है.'
इस हफ्ते के शुरू में जारी किए गए नवीनतम पीएचई आंकड़े दिखाते हैं कि B1.617.2 वैरिएंट के मामले देश भर में पिछले हफ्ते 2111 से बढ़कर 3424 पर पहुंच गए हैं.
भारत में म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के 7,000 से अधिक मामले हो गए हैं. इस त्रासदि का कारण ग़लत जानकारी की वजह से, स्टेरॉयड्स का अंधाधुंध उपभोग हो सकता है.