बंगाल के 700 सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघर घटकर 130 रह गए हैं, लेकिन दक्षिण कोलकाता का प्रिया सिनेमा आज भी हाउसफुल दर्शक खींच रहा है. ‘हमने दशकों से खुद को मार्केट और पोजिशन किया है.’
बिहार में कभी लोगों के लिए मददगार रहीं माइक्रोफाइनेंस कंपनियां अब कर्ज का जाल बन गई हैं, जो परिवारों को उन्हीं कर्जों में फंसा रही हैं जो उन्हें गरीबी से बचाने के लिए दिए गए थे.
रायज़ादा परिवार ने नेहरू युग से ही पुरानी दिल्ली में सिंगल-स्क्रीन सिनेमा देखने के कल्चर को ज़िंदा रखा है. डिलाइट सिनेमा में आज भी कैश रजिस्टर बज रहे हैं.
9 साल की एस्थर हनामते को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीतने के बाद उनके मिजोरम के गांव में हीरो जैसा स्वागत मिला. अब अंबानी परिवार ने उन्हें बुलाया है — ‘हम मुंबई जा रहे हैं.’
अमिताभ बच्चन और राज कपूर से लेकर विक्की कौशल तक, सभी ने राजमंदिर सिनेमा की बालकनी से हाथ हिलाया है. मिनर्वा और गोलचा जैसे दूसरे सिंगल-स्क्रीन बंद हो चुके हैं, लेकिन राजमंदिर आज भी सिंगल-स्क्रीन कल्चर को ज़िंदा रखे हुए है.
जबकि ब्रिटिश गजेटियर ज़्यादातर एडमिनिस्ट्रेशन और रेवेन्यू पर फोकस करते थे, नई एक्सरसाइज का मकसद कल्चर, सोशल चेंज और डेमोक्रेटिक लाइफ का लाइव रिकॉर्ड बनाना है. यह एक मुश्किल काम है.
युवाओं में बेरोज़गारी ज़्यादा है और हथियार आसानी से मिल जाते हैं. ऐसे में राज्य के युवा जल्दी पैसे और ताकत के लिए गैंग में शामिल हो रहे हैं. परिवार जबरन वसूली और हिंसा के डर में जी रहे हैं. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल पर काम का बहुत ज़्यादा बोझ है.
अदालतों के फैसले, जांच और पाबंदियां आती-जाती रहीं. राजस्थान की अरावली में गांव वाले कहते हैं कि अवैध खनन बेखौफ जारी है. उनकी एक ही उम्मीद है—कैलाश मीणा.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.