IIT, BITS पिलानी और दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेजों के छह ग्रेजुएट भारत को मॉडर्न स्पेसफ्लाइट के अगले पड़ाव — LEO में सैटेलाइट — की ओर ले जा रहे हैं. हैदराबाद इसका हब है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी की हैरान करने वाली गिरावट भारत के पब्लिक यूनिवर्सिटी सिस्टम के लिए सबसे बड़े झटकों में से एक है. और फिर भी, कोई भी इसे बचाने की जल्दी में नहीं दिखता.
भारत के ‘आर्मी ड्रीम’ ने मेरठ, सीकर और रोहतक जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में एक नया संगठित मिलिट्री कोचिंग सेक्टर खड़ा कर दिया है. यहां डिफेंस लाइफस्टाइल, ‘ऑफिसर जैसी खूबियां’ और एनडीए, सीडीएस, एएफसीएटी में सिलेक्शन का वादा किया जाता है.
यह हिंसा, जिसकी अब राज्य सरकार जांच कर रही है, उस यूनिवर्सिटी के लिए मुश्किल सवाल खड़े करती है जो नेशनल लेवल पर अपनी पहचान का दावा करती है, फिर भी अपने कैंपस को गड़बड़ी में जाने से रोकने में नाकाम रही.
जापान और चीन से सीख लेते हुए, NGOs ब्लाइंड मसाज करने वालों को ट्रेनिंग दे रहे हैं और कंपनियां उन्हें काम पर रख रही हैं. ‘मैं उनकी काबिलियत के हिसाब से खेलना चाहता था, सिम्पैथी कार्ड पर नहीं.’
दिल्ली से अहमदाबाद तक लोग सिर्फ एक खाने के लिए पूरा ट्रिप प्लान करते हैं, Naar में 16 सीटें हैं, जहां टेस्टिंग मेन्यू 6,800 रुपये से शुरू होकर ड्रिंक्स और टैक्स मिलाकर 14,000 रुपये तक जाता है.
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू...