राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत फिंगर 3 के पास धन सिंह थापा पोस्ट पर वापस आ जाएगा. फिर ये और फिंगर 8 के बीच का क्षेत्र दोनों पक्षों के लिए एक नो-गो जोन बन जाएगा.
राज्यसभा में रक्षी मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन भी देश की सम्प्रभुता की रक्षा के हमारे संकल्प से अवगत है. यह अपेक्षा है कि चीन द्वारा हमारे साथ मिलकर शेष मुद्दों को हल करने का प्रयास किया जाएगा.
चीनी रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने ‘10 फरवरी को सिंक्रोनाइज और ऑर्गनाइज तरीके से वापसी’ शुरू कर दी है. भारत की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
मौजूदा बाधाओं के चलते, जिनमें 9.5% वित्तीय घाटा शामिल है, मोदी सरकार के लिए राज्यों को, 15वें वित्त आयोग द्वारा सिफारिश की गई, 41% हिस्सेदारी से अधिक धनराशि देना संभव नहीं होगा.
चीन की तुलना में हमारा शक्ति संतुलन हमें बलप्रयोग से अपनी जमीन वापस हासिल करने की छूट नहीं देता. लेकिन एलएसी पर बस्ती की बसावट, पर्यटकों की आवाजाही आदि से हम अपनी और जमीन खोने से बच सकते हैं
वित्तीय संकट के बीच, भारतीय सशस्त्र बलों को भी अपने आधुनिकीकरण की योजनाओं को पूरा करने के लिए आवंटन में वृद्धि की उम्मीद है. मोदी सरकार को इसे पूरा करना होगा.
सुरक्षा बलों ने एलएसी पर चीन के साथ जारी गतिरोध का हवाला देते हुए सैन्य आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत बताई है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत ज्यादा वृद्धि की गुंजाइश नहीं है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.