भारतीय नौसेना गैस टरबाइन इंजन के लिए यूक्रेन पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जबकि भारतीय वायुसेना एंटोनोव एएन-32 का इस्तेमाल करती है. इनके स्पेयर पार्ट्स का स्टॉक तो है, लेकिन आगे चलकर यूक्रेन से आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय का यह बयान ऐसे समय आया है जबकि एक दिन पहले ही नई दिल्ली ने इसकी पुष्टि की थी कि बुधवार को एक भारतीय मिसाइल ‘तकनीकी खामी’ के कारण ‘दुर्घटनावश’ पाकिस्तान में प्रवेश कर गई थी.
मिसाइल के बारे में पाकिस्तान की ओर से जानकारी दी गई थी कि वो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से मेल खाती है. भारत में इस मिसाइल का इस्तेमाल कई सालों से हो रहा है और यह अपनी बेहतरीन सटीकता के लिए जानी जाती है.
पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके हवाई क्षेत्र में भारत से बिना वारहेड (बारूद) वाली मिसाइल आई है. मिसाइल का विवरण ब्रह्मोस से मेल खाता है. हालांकि, सूत्रों ने कहा कि कोई भी मिसाइल पाकिस्तान को लक्ष्य करके नहीं दागा गया था.
हालांकि रूस से भारत के आयात 2014 के बाद से लगातार घट रहे हैं, लेकिन हमारी 70% सेना अभी भी ऐसे उपकरण इस्तेमाल करती है, जो उस देश में बने या मूल रूप से डिज़ाइन किए हुए हैं.
रक्षा मंत्रालय का यह कदम सेना द्वारा स्प्रुट लाइट टैंक की रूसी पेशकश और हॉवित्जर वजरा को हल्के टैंक में बदलने के लिए डीआरडीओ के साथ काम करने वाली निजी फर्म लार्सन एंड टुब्रो पर विचार करने के बीच आया है.
चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है तो रूस के पास न्यूक्लियर हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा है. अमेरिका दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य ताकत है तो भारत एंटी बैलिस्टिक मिसाइल से लैस है. इन सबमें कहां खड़ा है यूक्रेन जानिए इस आर्टिकिल में.
कई सालों से आतंकियों का अड्डा माने जाने वाले दक्षिणी कश्मीर में पिछले पांच सालों के दौरान करीब 140-150 आतंकवादी सक्रिय थे लेकिन अब सुरक्षा बलों की सूची में इनकी संख्या 74 ही रह गई है.