दिप्रिंट के 1999-2026 तक के सभी बजट के एनालिसिस से पता चलता है कि डिफेंस बजट में कुल हिस्से के तौर पर कैपेक्स UPA I और II के तहत सबसे ज़्यादा था. पेंशन खर्च में कई गुना बढ़ोतरी हुई.
आर्मेनिया ने भारत से बड़ी मात्रा में रक्षा उपकरण खरीदे हैं, जिनमें तोपें, मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम, स्नाइपर राइफल, वेपन लोकेटिंग रडार और एंटी-ड्रोन हथियार शामिल हैं.
नई रक्षा रणनीति बाइडेन-युग की पेंटागन पॉलिसी से साफ़ तौर पर अलग है, इसमें चीन और रूस के प्रति नरम रुख अपनाया गया है, जबकि सहयोगियों पर कम अमेरिकी समर्थन के साथ ज़्यादा ज़िम्मेदारी उठाने का दबाव डाला जा रहा है.
2000 के शुरुआती वर्षों में सीधे और ज्यादा मिराज विमान खरीदने के बजाय, ज़रूरत को बदलकर मिराज जैसी क्षमता वाले मीडियम वज़नी मल्टी-रोल फाइटर के पक्ष में किया गया.
पाकिस्तान के पास अपने बताए गए कॉन्ट्रैक्ट्स के हिसाब से तेज़ी से एयरक्राफ्ट डिलीवर करने की क्षमता नहीं है, क्योंकि वह एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, हथियारों के लिए चीन पर और इंजन के लिए रूस पर निर्भर है.
दिप्रिंट ने सबसे पहले 1 फरवरी 2023 को खबर दी थी कि भारत और अमेरिका, जनरल डायनेमिक्स लैंड सिस्टम्स द्वारा विकसित 8-पहिया ड्राइव पैदल सेना लड़ाकू वाहन के को-प्रोडक्शन को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
चीन के विदेश मंत्री ने दावा किया कि 2025 में कई संघर्षों को खत्म कराने में बीजिंग ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. पिछले 5 साल में पाकिस्तान के आयात किए गए कुल सैन्य साजो-सामान का 81% से ज्यादा चीन से आया.
यह फैसला DRDO के शिवसुब्रमण्यम नंबी नायडू की अपील के बाद आया, जो दिसंबर 2024 में ब्रह्मोस प्रमुख पद के लिए चुने गए तीन उम्मीदवारों में शामिल थे, लेकिन पद अंत में जोशी को दिया गया था.
आने वाले साल भारत की डिफेंस इंडस्ट्री का पहले कभी नहीं हुआ ऐसा टेस्ट करेंगे. सफलता DRDO, ADA, HAL, प्राइवेट फर्मों और इंटरनेशनल पार्टनर्स के बीच कोलेबोरेशन पर निर्भर करेगी.