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Monday, 23 February, 2026
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समाज-संस्कृति

किस्मत नहीं, मेहनत है औरत की ताक़त: मेय मस्क के जज़्बे और संघर्ष की दास्तान

एक औरत की जद्दोजहद, संघर्ष और हौसले की दास्तान—जो दिखाती है कि सपनों को सच करने के लिए साहस और लगातार मेहनत ही सबसे बड़ा हथियार है.

क्या आदिवासी जागरण भी नवजागरण है?—औपनिवेशिक दृष्टि से बाहर निकलने की कोशिश

भारत में जो नवजागरणों का दौर है, उसमें धर्म की निर्णायक भूमिका रही है. बल्कि यही नहीं यूरोप के पुनर्जागरण काल में भी धर्म एक अनिवार्य सन्दर्भ के रूप में मौजूद है.

घर की दीवारों में कैद होकर भी राससुन्दरी देवी ने कैसे लिखी अपनी कहानी

स्त्री-धर्म का तकाजा है कि पति की नींद में बच्चे के रुदन से खलल न पड़े. कुल की मर्यादा का दायित्व इतना है कि दाई-नौकरों के सामने वह भोजन नहीं कर सकती.

‘परवाह नहीं कि मुझे ट्रोल किया जाएगा’ — FWICE की चेतावनी के बीच BJP नेता दोसांझ के समर्थन में उतरे

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी संस्था FWICE ने अभिनेता-सिंगर दिलजीत दोसांझ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वजह है उनकी आने वाली फिल्म सरदार जी 3, जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को लिया गया है. FWICE ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर दिलजीत की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की है और पूरे फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें बायकॉट करने की अपील की है.

दिल्ली में आम की चार हज़ार रुपये वाली महफिल में दास्तान, दस्तरख़ान और दुविधाएं

कार्यक्रम का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कश्कोल कलेक्टिव द्वारा किया गया था. इसमें संगीत, कविता और आम से तैयार पांच-कोर्स का भोजन था. हर व्यंजन एक अलग राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहा था.

लोकतंत्र कैसे पलटता है: आम आदमी के तानाशाह बनने का किस्सा

ये हमले सामान्‍यत: यहीं नहीं रुकते. वैसे तो राजनीतिक पर्यवेक्षक हमें आश्‍वस्‍त करते नजर आते हैं कि दबंग नेता केवल ‘बकबक’ करते हैं और उनकी बातों को बहुत गम्भीरता से नहीं लिया जाना चाहिए. लेकिन दुनिया-भर में पैदा हुए दबंग नेताओं के ऊपर नजर डालने से पता चलता है कि उनमें से कई ने अपनी कथनी को करनी में बदला है.

क्या ग़ज़ल सिर्फ मर्दों की नज़र से औरत की तस्वीर है?

शायद इसीलिए जब भी नशिस्त में कोई ज़टल पढ़ी जाती है, कोई गन्दा लतीफ़ा सुनाया जाता है, किसी लड़की के जिस्मानी रिश्तों का ज़िक्र निकल पड़ता है तो दोस्त-अहबाब कितने ख़ुश हो जाते हैं, उनके चेहरों पर कैसी ताज़गी फूट पड़ती है.

तमन्ना को मैसूर सैंडल का ब्रांड एंबेसडर बनने पर मंत्री ने दिया समर्थन, विवाद में आया हॉलीवुड ट्विस्ट

सरकारी स्वामित्व वाली केएसडीएल द्वारा निर्मित मैसूर संदल साबुन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में गैर-कन्नड़ अभिनेता के चयन पर उठे विवाद के बीच, एमबी पाटिल ने कहा कि यह व्यापारिक विवेक का मामला है, पहचान का मामला नहीं.

आज से 54 साल पहले हुआ था दिलचस्प मामला — जब इंदिरा गांधी ने बैंक से मांगे 60 लाख रुपये

यह घटना नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एसबीआई (जो उस वक्त इम्पीरियल बैंक कहलाता था) की शाखा में घटित हुई थी. इस दिन सुबह शाखा के चीफ कैशियर वेद प्रकाश मल्होत्रा के पास एक फोन आता है, जिस पर उनसे 60 लाख रुपए की मांग की जाती है.

हक़ का संघर्ष या ‘रेवड़ी संस्कृति’? — एक ग़लत बहस की पड़ताल

यूपीए के सामाजिक-आर्थिक क़ानूनों को मेनस्ट्रीम मीडिया के एक हिस्से द्वारा यूपीए सरकार की ‘माई-बाप सरकार’ मानसिकता क़रार दिया गया. कहा गया कि यह कार्यक्रम निर्भरता (अंग्रेज़ी में, डिपेंडेंसी) पैदा करते हैं और ‘भीख’ देने के बराबर हैं, ये लोगों को भीख का आदी बना देंगे.

मत-विमत

AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

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राजनीति

देश

निर्वासित तिब्बती सरकार ने दलाई लामा के पदवी पर आसीन होने की 86वीं वर्षगांठ मनाई

धर्मशाला (हिप्र), 23 फरवरी (भाषा) केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) ने 14वें दलाई लामा के पदवी पर आसीन होने की 86वीं वर्षगांठ के अवसर पर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.