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Saturday, 21 March, 2026
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समाज-संस्कृति

1967 में मुट्ठी भर कश्मीरी पंडितो द्वारा चलाया गया ‘परमेश्वरी आंदोलन’ आज भी एक मिसाल है

जब गुलाम बख्श सत्ता में आए तो उनके शिक्षा अभियान ने चौतरफा विस्तार किया. उस कारण नौजवानों की एक नई ‘पढ़ी-लिखी’ पीढ़ी तैयार हुई, जिन्हें अब जिंदगी से उम्मीदें थीं.

ऑल इन वन थे सतीश कौशिक, नाटकों में अभिनय से लेकर एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर तक ऐसा था सफर

सतीश की मृत्यु ने उनके प्रशंसकों और बॉलीवुड इंडस्ट्री को एक बड़ा झटका दिया क्योंकि सात मार्च तक वो बिल्कुल ठीक थे और उन्होंने जावेद अख्तर की होली पार्टी भी अटेंड की थी.

‘रंगीन माहौल के बीच खोखली कहानी’, रंगीनियों में डूबी एक हल्की फिल्म है ‘तू झूठी मैं मक्कार’

अक्सर बात होती है कि हिन्दी वालों के पास अपने दर्शकों को देने के लिए जमीन से जुड़ी कहानियों की सख्त कमी है. इस फिल्म को देखने के बाद यह बात एक बार फिर सही साबित होती है. शुरुआत से ही इसकी कहानी किसी दूसरे ग्रह के चमकीले माहौल में घटती नज़र आती है.

हैदराबाद में फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन घायल, हिलने-डुलने और सांस लेने में तकलीफ

बिग बी ने रविवार को अपने ब्लॉग पर जानकारी देते हुए कहा कि उनकी रिब कार्टिलेज टूट गई है और वह फिलहाल मुंबई में अपने घर पर आराम कर रहे हैं.

‘छत्तीसगढ़ ईडी के छापे कांग्रेस नेताओं के मनोबल को ठेस पहुंचाने के मकसद से थे’- उर्दू प्रेस ने लिखा

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

राजिंदर सिंह बेदी की फिल्म ‘फागुन’ से लेकर अक्षय की ‘जॉली LLB2’ तक, जब फिल्मों में किरदार बन गई होली

इसमें पहला नाम राजिंदर सिंह बेदी की फिल्म ‘फागुन’ का नजर आता है. होली का दिन है और ‘फागुन आयो रे...’ गा रही नायिका (वहीदा रहमान) की कीमती साड़ी पर उसका घरजमाई नायक पति (धर्मेंद्र) रंग डाल देता है.

1996 में BJP सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, फिर क्यों 13 दिन में ही गिर गई थी अटल वाजपेयी की सरकार

1999 में 13 दलों के गठबंधन के साथ अटल बिहारी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, जिसकी शपथ भी उन्होंने 13 अक्तूबर, 1999 को ही ली थी.

सिर्फ अक्षय के लिए देखी जा सकती है ‘सेल्फी’, साउथ की हिट फिल्म का रीमेक इतना हल्का क्यों?

अक्षय कुमार भरपूर सहज रहे हैं. जैसे वह असल में हैं, ठीक वैसे ही. उन्हें देखना सुहाता है. सच तो यह है कि यह फिल्म अक्षय के फैन्स के लिए ही है.

भारत के कईं गांवों में चहकने-फुदकने वाली गौरैया का आखिर संरक्षण क्यों है ज़रूरी?

देश के छह मेट्रो बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में इनकी संख्या में कमी देखी गई है, लेकिन बाकी के शहरों में इसकी संख्या स्थिर देखी जा रही है.

‘बीजेपी बल से जीतना चाहती थी लेकिन लोकप्रिय वोट से हार गई’- दिल्ली मेयर चुनाव पर उर्दू प्रेस

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

मत-विमत

ईरान युद्ध भारत के लिए दिशा सुधारने का संकेत है, नौसेना को आगे आना चाहिए

भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.

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राजनीति

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दिल्ली, लद्दाख, अंडमान के उपराज्यपालों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की

(तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, उनके लद्दाख के समकक्ष विनय कुमार सक्सेना और अंडमान-निकोबार...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.