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Tuesday, 13 January, 2026
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समाज-संस्कृति

भारत के कईं गांवों में चहकने-फुदकने वाली गौरैया का आखिर संरक्षण क्यों है ज़रूरी?

देश के छह मेट्रो बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में इनकी संख्या में कमी देखी गई है, लेकिन बाकी के शहरों में इसकी संख्या स्थिर देखी जा रही है.

‘बीजेपी बल से जीतना चाहती थी लेकिन लोकप्रिय वोट से हार गई’- दिल्ली मेयर चुनाव पर उर्दू प्रेस

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

‘अघोषित आपातकाल’: उर्दू प्रेस ने कहा BBC ऑफिस का IT सर्वे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

कोलकाता की गलियों से अचानक गायब हुआ एक युवक, सच की तलाश करते-करते कहां खो जाती है ‘लॉस्ट’

यह फिल्म राजनीति की चालों और दबावों को दिखाती है. पत्रकारिता की नैतिकता और व्यापार की बात करती है. नक्सलवाद के आकर्षण और व्यर्थता पर नज़र डालती है.

भारत के डिस्को किंग बप्पी लाहिड़ी, जिनके गोल्ड पर माइकल जैक्सन भी हो गए थे फिदा

लाहिड़ी हमेशा से सबसे अलग थे और स्टाइलिश तरीके से तैयार होना उन्हें अलग करता था. उनके युग का कोई दूसरा गायक ऐसा नजर नहीं आता जिसका फैशन सेंस इतना बोल्ड या ग्लोबल रहा हो.

हिंदी सिनेमा : 20 साल में 20 रोमांटिक फिल्में जो प्यार का दिलकश अहसास कराती हैं

इन फिल्मों को आप अपने साथी, पति, पत्नी, प्रेमी, प्रेमिका, दोस्त, सखी के साथ देखना पसंद करेंगे और अपने दिल में अहसास करेंगे.

क्रिस्टोफर रिव्यू: मामूट्टी की कॉप थ्रिलर में कोई ख़ास मज़ा नहीं है, बस कैरेक्टर्स की एक लंबी लिस्ट है

एक ऐसी फिल्म, जिसमें महिलाओं को न्याय से वंचित करना उसका मुख्य विषय है, उसमें क्रिस्टोफर उनके अस्तित्व के प्रति असभ्य व्यवहार करता है.

अगर राहुल अडानी के बारे में झूठे दावे कर रहे हैं तो सरकार उन्हें ग़लत साबित क्यों नहीं कर रही है: उर्दू प्रेस

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

औरंगजेब के मनसबदार, पिता से बगावत फिर मुगलों के खिलाफ उठाई तलवार, ऐसे रही संभाजी की जिंदगी

संभाजी को पहले एक भव्य तंबू में ले जाया गया, जिसमें एक कार्यालय कक्ष है, एक शयनकक्ष और एक निजी खुला स्नानागार. एक गुलाम धुले कपड़ों का एक सेट लेकर आता है.

आखिर भारतीय इस्लाम क्या चीज है? इसका उदय ब्रिटिश काल के ज़माने में हुआ था

भारतीय इस्लाम का उदय उपनिवेशवाद के ज़माने में हुआ था. इसका सीधा कारण यह था कि ब्रिटिश औपनिवेशिक विमर्श के लिए ‘इस्लाम’ और ‘भारत’ दो बिल्कुल विपरीत चीज़ें थी. ब्रिटिश और अगर व्यापक तौर पर कहें तो युरोपीय औपनिवेशिक ताकतें इस्लाम से सीधे तौर पर परिचित थीं.

मत-विमत

ईरान के विद्रोह ने क्यों बेनकाब की लिबरल राजनीति की उलझन

ईरान में हो रहे विद्रोह इतने बड़े हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सवाल ज़रूर उठता है: इसमें इतना समय क्यों लगा?

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पूर्व सांसद थॉमस कुथिरावट्टम का 80 वर्ष की आयु में निधन

अलप्पुझा (केरल), 13 जनवरी (भाषा) केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थॉमस कुथिरावट्टम का सोमवार शाम निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। पार्टी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.