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Tuesday, 3 February, 2026
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समाज-संस्कृति

अपराधियों को सजा दिलाने के बजाय मुसलमानों को बदनाम करने का अभियान चलाया गया: नूंह हिंसा पर उर्दू प्रेस

पेश है दिप्रिंट का राउंड-अप कि कैसे उर्दू मीडिया ने पिछले सप्ताह के दौरान विभिन्न समाचार संबंधी घटनाओं को कवर किया और उनमें से कुछ ने इसके बारे में किस तरह का संपादकीय रुख इख्तियार किया.

‘यह हमारे अच्छे, बुरे और खास पलों की किताब है’, हेमा मालिनी ने की अपने भाई की ऑटोबायोग्राफी लॉन्च

'गैलोपिंग डीकेड्स' हेमा मालिनी के बड़े भाई आर.के. चक्रवर्ती की ऑटोबायोग्राफी है जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बारे में लिखा हैं.

‘आधुनिक डोगरी की मां’ — पद्मा सचदेव जिन्होंने अपनी भाषा की मान्यता के लिए वाजपेयी से लड़ी थी लड़ाई

जब डोगरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया, तो वो सचदेव के लिए ‘सबसे खुशी का दिन’ था. भाषा की ‘अपनी पहचान थी और इसे केवल एक बोली के रूप में नहीं लिया जाता था.’

कर्ज के बोझ से दब गए थे कला निर्देशक नितिन देसाई, पीएम मोदी के साथ था उनका खास रिश्ता

नितिन देसाई मोदी जी के साथ सीएम से पीएम बनने तक जुड़े रहे हैं और 2003 में जहां 80 फीट वाला कमल का स्ट्रक्चर बनाया वहीं उनके पीएम बनने के बाद उनके स्पेशल 67 इवेंट भी डिजाईन किए.

‘एक ही नाव के यात्री’, लेखन के साथ-साथ अपनी प्रिय शिवरानी देवी के लिए कैसे इतने खास थे प्रेमचंद

यह बात ज़ाहिर है कि हम जिस दुनिया में रहते हैं, वहां हर क्षेत्र में पुरुषों का ही वर्चस्व है. सदियों तक साहित्य में स्त्रियों को लिखने की इज़ाज़त नहीं थी और प्रेमचंद ने हमेशा अपनी पत्नी के लेखन को बढ़ावा दिया है.

अंग्रेजों और महाराजा गुलाब सिंह के बीच होनेवाली संधि ही जम्मू-कश्मीर राज्य की नींव थी

कश्मीर को महाराजा गुलाब सिंह ने एक बिक्री दस्तावेज के जरिए खरीदा था, इस तरह उन्होंने कश्मीरियों को महज एक वस्तु में तब्दील कर दिया.

बिना खरीदे पहने हर दिन नए आउडफिट्स, मिलेनियल्स को क्यों भा रहे हैं ‘किराए के कपड़े’

नई दिल्ली: मिलेनियल्स एक ऐसी पीढ़ी है जो टेक्नॉलोजी के आगमन और शेयरिंग इकॉनामी के साथ बड़े हुए हैं. कपड़ों को संभाल कर रखने...

पढ़ाई में कमजोर, अच्छे ऑब्जर्वर, बेबाक, पिता के खिलाफ जा कर बने कलाकार, ऐसा रहा है नसीरुद्दीन शाह का सफर

शाह की ख़ासियत ये थी की वो कायदे के कलाकार थे, और इसलिए केवल आर्ट मूवीज़ ही नहीं बल्कि कमर्शियली हीट पिक्चर्स भी उन्होंने खूब दिए.

गूगल ने ‘पानी पुरी’ का जश्न मनाने के लिए बनाया डूडल, चला रहा मजेदार लाइव गेम

पानी पुरी देशभर के अलग-अलग शहरों में इसे अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है, जैसे ‘पुचका’ तो कहीं 'फुचका', ‘गोलगप्पे’ और ‘पानी के पतासे’, पकौड़ी, गुपचुप और पड़ाके.

‘स्ट्रीट डांस, मूव्स, 1 बैटल और जर्मनी जाने का मौका’, जानिए डांसर्स की कहानी उनकी जुबानी

'ब्रेक डांस, मूव्स, 1 बैटल और जर्मनी जाने का मौका', जानिए डांसर्स की कहानी उनकी जुबानी

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पुस्तकालय में तोड़फोड़ करने पर जेएनयू ने पांच विद्यार्थियों को निलंबित किया

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.