जब डोगरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया, तो वो सचदेव के लिए ‘सबसे खुशी का दिन’ था. भाषा की ‘अपनी पहचान थी और इसे केवल एक बोली के रूप में नहीं लिया जाता था.’
नितिन देसाई मोदी जी के साथ सीएम से पीएम बनने तक जुड़े रहे हैं और 2003 में जहां 80 फीट वाला कमल का स्ट्रक्चर बनाया वहीं उनके पीएम बनने के बाद उनके स्पेशल 67 इवेंट भी डिजाईन किए.
यह बात ज़ाहिर है कि हम जिस दुनिया में रहते हैं, वहां हर क्षेत्र में पुरुषों का ही वर्चस्व है. सदियों तक साहित्य में स्त्रियों को लिखने की इज़ाज़त नहीं थी और प्रेमचंद ने हमेशा अपनी पत्नी के लेखन को बढ़ावा दिया है.
पानी पुरी देशभर के अलग-अलग शहरों में इसे अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है, जैसे ‘पुचका’ तो कहीं 'फुचका', ‘गोलगप्पे’ और ‘पानी के पतासे’, पकौड़ी, गुपचुप और पड़ाके.
दिलीप कुमार की दूसरी पुण्यतिथि पर सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर डेब्यू किया और लिखा, मेरा प्रिय नींद में है इसलिए मेरी पूरी दुनिया अभी रुक सी गई है - मैं उनसे आग्रह करती हूं कि वह जाग जाएं ताकि उनके जागने की गति से दुनिया फिर से जी उठे.