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Saturday, 28 March, 2026
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बिहार के बाद वोट शेयर बनाम सीट शेयर की बहस फिर लौट आई है, लेकिन यह क्यों ज़रूरी है

हमें पहले उन मुश्किल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो मतदाताओं की नज़र में चुनाव प्रक्रिया की वैधता को कम करते हैं — जैसे कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.

बिहार चुनाव नतीजे असम, बंगाल, तमिलनाडु और केरल में BJP की संभावनाओं के बारे में क्या बताते हैं

एनडीए का बहुत बड़ा सामाजिक गठबंधन था, जिसमें अत्यंत पिछड़े वर्ग, गैर-यादव ओबीसी, दलित, ऊंची जातियां शामिल थीं, जिन्होंने बिहार में भारी जीत दिलाई.

बिहार के वोटरों ने साफ संदेश दिया — न बांटने वाली राजनीति चलेगी, न पुराने ढर्रे की बातें

बिहार के वोटर वंशवादी राजनीति, अल्पसंख्यक राजनीति या जाति की राजनीति नहीं चाहते—ये सब कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए गए पुराने, पिछड़े और बांटने वाले हथकंडे हैं.

मोदी सरकार के सीड्स बिल 2025 को पंजाब के किसानों के लिए क्या देना चाहिए

ड्राफ्ट सीड्स बिल में बड़े आइडिया सही हैं — यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन, ट्रेसबिलिटी, असली पेनल्टी. पंजाब के लिए काम तभी बनेगा जब इसमें फेडरल सिस्टम और किसान-हित से जुड़े बारीक मुद्दे ठीक से तय हों.

हिसाब साफ है, रूसी तेल की खरीद भारत के लिए घाटे का सौदा बन गया है

इस सौदे का नतीजा यह निकला है कि श्रम आधारित सेक्टरों के लाखों कामगारों को होने वाला लाभ चंद बड़ी रिफाइनरियों को सौंप दिया गया है.

कश्मीर के नए दौर के जिहादी अब सिर्फ सेना नहीं, बल्कि भारत के दिल पर हमला करना चाहते हैं

2019 के बाद कश्मीर में असली लोकतांत्रिक संस्कृति बनाने में कोई प्रगति न होने से जिहादी सोच को बढ़ावा मिल रहा है.

तेजस्वी यादव क्यों हार गए — बिहार बदल गया, लेकिन RJD नहीं बदली

मंडल राजनीति की सबसे बड़ी प्रतिनिधि रही RJD अब ऐसी राजनीतिक स्थिति में है, जहां लाभकारी योजनाएं, अच्छा शासन और नई उम्मीदें पुराने जातीय समीकरणों पर भारी पड़ रही हैं.

कांग्रेस का पतन, INDIA ब्लॉक की सबसे बड़ी रुकावट — सुधार की राह विनम्रता से

कांग्रेस के दोबारा मजबूत हुए बिना, बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती नहीं दी जा सकती. मोदी की पार्टी बढ़ रही है और वह भी लगभग पूरी तरह कांग्रेस की कीमत पर.

आतंक की वापसी: दिल्ली ब्लास्ट ने तोड़ी सुरक्षा की ‘रेड लाइन’, कई सवाल खड़े

भारत ने इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिये JeM को सबक सिखाया था और उसे बदले की धमकियां भी मिली थीं. अब वह सामने आ रहा है.

असम का एंटी-पॉलीगेमी बिल मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ा कदम है, यह समुदाय पर हमला नहीं है

अगर महिलाओं को समान इज़्ज़त देने की मांग को ‘किसी समुदाय को निशाना बनाना’ कहा जाए, तो शायद हर समुदाय को तब तक ‘निशाना’ बनाया जाना चाहिए जब तक बराबरी सबके लिए न हो जाए.

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एआई कंपनियों पर कर लगाने की नीतियों पर विचार कर रही तेलंगाना सरकार: रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 28 मार्च (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि राज्य सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनियों पर कर लगाने की...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.