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Monday, 6 April, 2026

ले.जन. एच.एस. पनाग (रिटा.)

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मत-विमत

जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

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कन्नूर/मलप्पुरम (केरल), छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को आरोप लगाया कि केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत...

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