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Friday, 1 May, 2026
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जम्मू-कश्मीर का दर्जा बहाल कराने को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन के अंदर ही समर्थन का अभाव : फारूक

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(सुमीर कौल)

श्रीनगर, एक मई (भाषा) नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कराने के मामले में “उम्मीदों के मुताबिक जोरदार समर्थन” न मिलने पर ‘इंडिया’ गठबंधन और विशेषकर कांग्रेस के प्रति गहरी निराशा जताई है।

फारूक अब्दुल्ला ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बारे में कहा कि उनकी पार्टी इस गठबंधन की प्रतिबद्ध सदस्य बनी हुई है, लेकिन यह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर मजबूत और एकजुट रणनीति के अभाव को गठबंधन में विवाद का मुख्य कारण भी बताया।

अब्दुल्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “देखिए, इस राष्ट्रीय गठबंधन से हमारी यही सबसे बड़ी नाराजगी रही है… हमें उम्मीद थी कि वे हमारे मुद्दे के लिए कहीं ज्यादा जोरदार तरीके से लड़ेंगे। ऐसा नहीं हुआ। यह वास्तव में बहुत दुखद है कि प्रमुख पार्टी कांग्रेस ने वह भूमिका नहीं निभाई, जिसकी हम उससे अपेक्षा करते हैं।”

अब्दुल्ला ने गठबंधन से अपील की कि वह केवल चुनावी समझौते तक सीमित न रहे, बल्कि “नजरअंदाज” किए जा रहे देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए अधिक बैठकें करे।

उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं हैं और कभी नहीं होंगे। हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। मुझे उम्मीद है कि चुनाव के बाद यह गठबंधन फिर से एकजुट होगा और न केवल राष्ट्रीय मुद्दों, बल्कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को भी कहीं ज्यादा मजबूती से उठाएगा।”

तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे अब्दुल्ला ने कहा कि इंडिया गठबंधन की नियमित बैठकें होना “बहुत जरूरी” है।

उन्होंने कहा, “यह गठबंधन सिर्फ चुनावों के लिए नहीं है। यह देश के भविष्य के लिए है। इस बात को कई बार नजरअंदाज किया जा चुका है। यह कहते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा है।”

अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने पर फैसला करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार संसद के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय में भी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

अब्दुल्ला ने कहा, “अब वे इसमें कितना समय लेंगे, यह कहना मुश्किल है। लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आश्वासन दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले हमारे सांसदों को भी भरोसा दिया गया है। हमें उम्मीद है कि इन राज्य चुनावों के खत्म होने के बाद वे राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर आगे बढ़ेंगे।”

पांच दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय अब्दुल्ला से जब जम्मू-कश्मीर में उभरते युवा नेताओं को सलाह देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं अपने लोगों और आज के नेताओं से कहना चाहूंगा कि वे जो करना चाहते हैं, ईमानदारी से करें और स्पष्टता रखें। जनता को धोखा न दें। जितना हम समझते हैं, जनता उससे कहीं अधिक समझदार होती है।”

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे “हर दिशा में मौजूद चुनौतियों” के बावजूद गरीबी और अज्ञानता को दूर करने पर ध्यान केंद्रित रखें और अपने लक्ष्य से भटकें नहीं।

भाषा

जोहेब मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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