नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष में अचानक होने वाले किसी भी परिणाम के लिए भारत को तैयार रहना चाहिए।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने यह बात कही।
इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल उपस्थित थे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह ने ‘‘संघर्ष की जमीनी स्थिति को अनिश्चित और अस्थिर बताया तथा इस बात पर जोर दिया कि भारत को न केवल तनाव कम करने के लिए बल्कि नए सिरे से तनाव बढ़ने की किसी भी स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए।’’
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी संभावित जोखिम या समस्याओं से निपटने के लिए ‘‘तेज और प्रभावी कार्रवाई’’ करना जारी रखे हुए है।
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नेत्रपाल
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