तेहरान: ईरान के एक प्रतिबंधित सुपरटैंकर के बारे में खबर है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया और अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद ईरान के इमाम खुमैनी पोर्ट की ओर बढ़ा. यह दावा ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बुधवार को किया.
इस जहाज को वेरी लार्ज क्रूड कैरियर बताया गया है, जिसमें करीब दो मिलियन बैरल कच्चा तेल ले जाने की क्षमता है. हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा कि यह साफ नहीं है कि टैंकर अपने साथ तेल लेकर लौट रहा था या खाली था.
फार्स न्यूज एजेंसी की एक और रिपोर्ट में, जहाजों की ट्रैकिंग डेटा का हवाला देते हुए कहा गया कि एक और जहाज, जो खाद्य सामग्री ले जा रहा है, वह भी खाड़ी में प्रवेश कर चुका है.
बताया गया है कि यह जहाज इमाम खुमैनी पोर्ट की ओर जा रहा है. इससे लगता है कि तेहरान मौजूदा नौसैनिक प्रतिबंधों के बीच जरूरी सामान और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.
लेकिन इन खबरों के विपरीत, वॉशिंगटन की सैन्य रिपोर्ट कुछ और कहती है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा कि ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है. अमेरिकी सेना ने खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर अपना नियंत्रण बताया.
एक बयान में सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नाकेबंदी शुरू होने के सिर्फ 36 घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान से आने-जाने वाले सभी समुद्री व्यापार को रोक दिया.
बयान में कहा गया, “ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी पूरी तरह लागू कर दी गई है और अमेरिका मध्य पूर्व में समुद्री क्षेत्र में बढ़त बनाए हुए है. ईरान की लगभग 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था समुद्री अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर है. नाकेबंदी लागू होने के 36 घंटे के अंदर ही समुद्र के जरिए होने वाला सारा व्यापार पूरी तरह रोक दिया गया है.”
सेंटकॉम ने एक्स पर एक अलग बयान में कहा कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर इस नाकेबंदी को लागू कर रहे हैं. यह अभियान निष्पक्ष तरीके से चलाया जा रहा है और ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है.
बयान में यह भी कहा गया कि एक सामान्य डेस्ट्रॉयर में 300 से ज्यादा नौसैनिक होते हैं, जो समुद्री अभियानों में अच्छी तरह प्रशिक्षित होते हैं. इससे तैनात नौसैनिक बल की ताकत और तैयारी का पता चलता है.
इससे पहले सेंटकॉम ने बताया था कि इस नाकेबंदी अभियान में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शामिल हैं. इनमें नौसैनिक, मरीन और वायुसेना के जवान शामिल हैं. इसके साथ ही एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत और कई विमान भी तैनात हैं.
कार्रवाई की प्रगति बताते हुए कमांड ने कहा कि पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज नाकेबंदी तोड़ नहीं पाया. जबकि छह व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी निर्देश मानते हुए वापस मुड़कर ओमान की खाड़ी में ईरान के बंदरगाह में लौट गए.
यह नाकेबंदी फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित ईरान के सभी बंदरगाहों पर लागू है, जहां अमेरिकी सेना सख्ती से निगरानी कर रही है.
सेंटकॉम ने यह भी कहा कि जहां एक तरफ ईरान के बंदरगाहों पर रोक है, वहीं दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले दूसरे देशों के जहाजों के लिए आवाजाही की आजादी बनी हुई है.
यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में बड़ी बढ़ोतरी को दिखाता है, जिसका असर वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है
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