तेहरान: ईरान की सरकार ने दावा किया है कि उसने 35 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर जासूसी से लेकर अवैध तस्करी तक के आरोप हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इनमें कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें खुफिया मंत्रालय ने “मोसाद से जुड़े” बताया है. इसके अलावा इसमें हथियारों के तस्कर और अलगाववादी संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हैं.
मंत्रालय ने कहा कि ये कार्रवाई देश के छह प्रांतों में की गई. आईआरएनए के मुताबिक, यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई खतरों को एक साथ निशाना बनाकर चलाया गया.
ये गिरफ्तारियां ऐसे समय में हुई हैं जब ईरान में विदेशी खुफिया एजेंसियों की घुसपैठ को लेकर बड़े खुलासे सामने आए हैं. मोसाद प्रमुख डेविड बरनिया ने हाल ही में कहा कि उनकी एजेंसी ने अमेरिका और इजरायल के साथ हुए सैन्य अभियान के दौरान “तेहरान के अंदर तक काम किया.”
टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, बरनिया ने मंगलवार को होलोकॉस्ट स्मरण दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में यह बातें कही. इससे पता चलता है कि ईरान के अंदर गुप्त ऑपरेशन कितने गहरे तक चल रहे थे.
खुफिया प्रमुख ने यह भी बताया कि उनकी एजेंसी ने सैन्य कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि गुप्त सेवा ने सेना को महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा, “हमने वायु सेना को सटीक खुफिया जानकारी दी और उन मिसाइलों को निशाना बनाया जो इजरायल के लिए खतरा थीं.”
हालांकि बड़े सैन्य टकराव अब खत्म हो चुके हैं, लेकिन बरनिया ने कहा कि एजेंसी का मिशन अभी जारी है और यह सिर्फ हाल के संघर्ष तक सीमित नहीं है. टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हमले रुकने का मतलब यह नहीं है कि उनका काम खत्म हो गया.
उन्होंने कहा, “लेकिन हमारा मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है. हमने यह नहीं सोचा था कि लड़ाई खत्म होते ही यह मिशन पूरा हो जाएगा. हमने अपनी योजना इस तरह बनाई है कि तेहरान में हमलों के बाद भी हमारा अभियान जारी रहे और परिणाम दे.”
अपने लंबे मिशन के बारे में बताते हुए बरनिया ने कहा कि मोसाद की जिम्मेदारी तभी खत्म होगी “जब यह कट्टर शासन बदल जाएगा.” इस बयान से साफ होता है कि ईरान में हाल की गिरफ्तारियां एक बड़े और लंबे गुप्त संघर्ष का हिस्सा हैं, जो राजनीतिक अस्तित्व और क्षेत्रीय प्रभाव के लिए चल रहा है.
टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एजेंसी का लक्ष्य मौजूदा ईरानी सरकार को हटाना है. बरनिया ने कहा, “यह हमारा मिशन है. हम किसी भी बड़े खतरे के सामने चुप नहीं बैठेंगे.”
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