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Saturday, 25 April, 2026
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वैश्विक सुस्ती के बावजूद 2025 में भारत में उद्यम पूंजी निवेश बढ़कर 16 अरब डॉलर पर

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नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) निजी पूंजी बाजारों में व्यापक वैश्विक सुस्ती के विपरीत भारत में उद्यम पूंजी (वीसी) निवेश 2025 में बढ़कर लगभग 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया। एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें लगातार दूसरे साल वृद्धि हुई।

वैश्विक परामर्शदाता फर्म बेन एंड कंपनी और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कुल सौदों की गतिविधियों में सालाना आधार पर लगभग 18 प्रतिशत की तेजी आई है। विभिन्न चरणों में कुल लेनदेन की संख्या 1,300 से अधिक रही। यह वृद्धि वैश्विक व्यापक आर्थिक प्रतिकूल स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव और नकदी की सख्त स्थिति के बावजूद हुई।

यह वृद्धि व्यापक स्तर पर रही, जिसे पांच करोड़ डॉलर से कम मूल्य के सौदों से बल मिला। बड़े लेनदेन की गति भी बढ़ी और 25 करोड़ डॉलर से अधिक के सौदों की संख्या चार से बढ़कर आठ हो गई।

निवेशकों ने उन कंपनियों को प्राथमिकता देना जारी रखा जो मौद्रीकरण के स्पष्ट रास्ते दिखा रही हैं। यह बाजार के उस बदलाव को दर्शाता है, जहां अनियंत्रित विस्तार के बजाय व्यापार की गुणवत्ता को महत्व दिया जा रहा है।

उपभोक्ता प्रौद्योगिकी वित्तपोषण में कुछ नरमी रही, हालांकि इसमें दीर्घकालिक मजबूती बनी हुई है और यह खंड 2023 से सालाना आधार पर लगभग 25 प्रतिशत बढ़ा है। सामान्य वस्तुओं के बजाय विशिष्ट उत्पाद श्रेणियों की त्वरित आपूर्ति पर आधारित खंड भी तेजी से उभरा है।

बेन एंड कंपनी के एसोसिएट भागीदार आदित्य मुरलीधर ने कहा, ‘‘2023 के सुधार के बाद भारतीय उद्यम परिवेश वृद्धि की राह पर लौट आया है और इस बार इसमें परिपक्वता के स्पष्ट संकेत हैं। 2021 और 2022 के वित्तपोषण उछाल को छोड़कर, भारत अब तक के अपने उच्चतम स्तर को देख रहा है।’’

आईवीसीए के अध्यक्ष रजत टंडन ने कहा कि इस साल वृद्धि अधिक संतुलित है। साथ ही आईपीओ आधारित नकदी में तेजी निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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