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Monday, 2 March, 2026
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क्रिकेट भद्रजनों का खेल है: खिलाड़ियों द्वारा हाथ मिलाने से बचने पर बावुमा

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… भरत शर्मा …

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के प्रेरणादायी टेस्ट और वनडे कप्तान तेम्बा बावुमा का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान खिलाड़ियों द्वारा हाथ नहीं मिलाना खेल के लिए अच्छा संदेश नहीं देता। भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे मौजूदा टी20 विश्व कप के कमेंट्री पैनल में शामिल बावुमा ने ‘पीटीआई’ से बातचीत में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में ‘नो हैंडशेक (हाथ नहीं मिलाने)’ नीति के अलावा अन्य मुद्दों पर बात की। सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए पहचाने जाने वाले 35 वर्षीय बल्लेबाज ने अपने देश में सभी को समान अवसर दिए जाने की जोरदार वकालत की और खेल को एकजुट करने वाली शक्ति पर भी बल दिया। बावुमा ने कहा, ‘‘हां, अगर आप इसे बाहर से देखते हैं तो (हाथ नहीं मिलाने की नीति) अच्छी नहीं लगती। यह क्रिकेट के खेल के लिए अच्छा नहीं दिखता। आखिरकार यह भद्रजनों का खेल है, हम इसी सोच के साथ बड़े हुए हैं कि हमसे एक खास व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।’’ उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जैसा मैंने कहा, यह बाहर से देखने का नजरिया है। मैं भारत और पाकिस्तान के बीच की राजनीति से पूरी तरह परिचित नहीं हूं, इसलिए उस दृष्टिकोण से कुछ नहीं कह सकता। लेकिन एक दर्शक के तौर पर, जो बिना पूरी पृष्ठभूमि जाने इसे देख रहा है, तो यह क्रिकेट के खेल के लिए अच्छा संदेश नहीं देता।” दक्षिण अफ्रीका ने बावुमा की कप्तानी में पिछले साल जून में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद भारत में 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट श्रृंखला में जीत दर्ज की थी। पिछले 12 महीनों में मिली इन बड़ी सफलताओं ने दक्षिण अफ्रीका टीम को वर्षों से लगे ‘चोकर्स’ के तमगे से भी काफी हद तक मुक्त कर टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। भाषा आनन्द नमितानमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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