गुवाहाटी, 25 फरवरी (भाषा) असम सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़े बदलाव के लिए 8वां वेतन आयोग, 2026 गठित किया है। एक सरकारी आदेश से यह जानकारी मिली है।
वित्त विभग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि 8वें असम वेतन आयोग की अगुवाई पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष चंद्र दास करेंगे और इसमें सात और सदस्य होंगे।
असम सरकार के कर्मचारियों के लिए पिछला वेतन संशोधन एक अप्रैल, 2016 को लागू हुआ था, जो 7वें असम ‘पे एंड प्रोडक्टिविटी’ वेतन आयोग की सिफारिश पर आधारित था। 8वां असम वेतन आयोग 18 महीने में अपनी रिपोर्ट देगा।
अधिसूचना में कहा गया, ‘‘सरकार वितीय स्थिरता को मजबूत करने, सेवा डिलिवरी के नतीजों में सुधार करने और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उसका मानना है कि वेतन ढांचे में बदलाव के साथ मानव संसाधन प्रबंधन, प्रौद्योगिकियों को अपनाने, नतीजों पर आधारित प्रशासन और श्रमबल को युक्तिसंगत करने में ढांचागत सुधार होने चाहिए।’’
इसमें कहा गया है कि 8वें असम वेतन आयोग में अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, अलग-अलग शैक्षणिक संस्थान में यूजीसी या एआईसीटीई या तकनीकी वेतनमान वाले पद, और शेट्टी कमीशन और दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से वेतन पाने वाले न्यायिक सेवा के अधिकारी शामिल नहीं होंगे।
अधिसूचना में आगे कहा गया है कि यह राज्य सरकार के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिए जाने वाले वेतन की भी जांच करेगा, खासकर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उतार-चढ़ाव के संबंध में, और महंगाई राहत, पेंशन में बदलाव और वित्तीय स्थिरता के हिसाब से संबंधित मामलों के लिए सही प्रणाली की सिफारिश करेगा।
भाषा राजेश राजेश अजय
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