नई दिल्ली: बिहार राज्य के मुंगेर जिले की ग्राम पंचायत बांक में प्रदूषित जलाशय को पुनर्जीवित करने की अनोखी पहल सामने आई है. यहां अपशिष्ट स्थिरीकरण तालाब यानी डब्ल्यूएसपी तकनीक के जरिए सिद्धि तालाब के ग्रे वाटर को साफ कर उपयोगी बनाया गया है.
पहले गांव और नगर क्षेत्र से आने वाला गंदा पानी सीधे तालाब में गिरता था जिससे जल पूरी तरह प्रदूषित हो गया था. अब इस पानी को पहले डब्ल्यूएसपी में शुद्ध किया जाता है और फिर तालाब में छोड़ा जाता है. इससे पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है.
करीब पांच हजार परिवारों को अब स्वच्छ पानी की उपलब्धता हो रही है. साथ ही यह पहल भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित हो रही है. तालाब अब मत्स्य पालन के लिए भी उपयोगी बन गया है और गांव में जल संकट कम हुआ है.