जयपुर, 17 जनवरी (भाषा) स्टैंडअप कॉमेडियन और फिल्म अभिनेता वीर दास ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी प्रकार के ‘कंटेंट’ को दबा पाना असंभव है और देश के विशाल दर्शक वर्ग को देखते हुए यहां युवा कलाकारों के लिए बहुत संभावनाएं हैं।
वीर दास ने जयपुर साहित्योत्सव में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह भारतीय कॉमेडी के भविष्य को लेकर बहुत आशावादी हैं ।
उनसे सवाल किया गया था कि मौजूदा समय में जब हास्य को लेकर दर्शकों का हास्य बोध संवेदनशील हुआ है तो वह भारतीय कॉमेडी के भविष्य को किस प्रकार से देखते हैं।
कॉमेडी में हर वक्त नया विषय लाने की चुनौती से संबंधित एक सवाल के जवाब में वीर दास ने कहा कि वह दर्शकों की मांग के बजाय सहज भाव से कॉमेडी करना पसंद करते हैं।
वीर दास की 2025 में आई किताब ‘दी आउटसाइडर: ए मैमोयेर फॉर मिसफिट’ के संबंध में किए गए सवाल पर उन्होंने मजाक में कहा, ‘‘किताब लिखना और कुछ भी लिखने से बहुत अधिक कठिन काम है। यहां तक कि फिल्मों में अभिनय करने से भी मुश्किल है। बहुत संघर्ष के बाद मैं एक छोटी सी किताब लिख पाया हूं और वादा करता हूं कि जीवन में फिर कभी किताब लिखने की कोशिश नहीं करूंगा।’’
‘कॉमेडी शोज’ के गिरते स्तर पर वीर दास ने कहा, ‘‘हर किसी का अपना स्वाद होता है। किसी को भिंडी सूखी पसंद आती है, किसी को गीली और किसी को मसालेदार। मैं फराह खान का प्रशंसक हूं, जिनकी फिल्मों की सामग्री भले ही अधिक बौद्धिक न हो, लेकिन उनकी फिल्म के हर तीसरे सीन में दर्शक ताली बजाते हैं, भरपूर हंसते हैं, यह मुझे पसंद है। उनकी ‘तीस मार खां’ और ‘ओम शांति ओम’ उसका उदाहरण है।’’
उन्होंने कहा कि ‘कॉमेडियन’ एक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे कि उन्हें फिल्मों में मुख्य धारा में आने का मौका मिले, क्योंकि लंबे समय से वे मुख्य नायक के साथ छोटे मोटे किरदार निभाते आ रहे थे।
दास ने कहा कि ‘इंडस्ट्री’ में अब हास्य आधारित कहानियां लिखी जा रही हैं और बहुत सारे कॉमेडियन मुख्य अभिनेता बनकर उभर रहे हैं।
उन्होंने ‘खोसला का घोंसला’, ‘भेजा फ्राय’ जैसी फिल्मों को याद करते हुए कहा कि फिर से ऐसी फिल्मों का दौर आ रहा है।
‘हैप्पी पटेल : खतरनाक जासूस’ से वीर दास ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा है। आमिर खान द्वारा निर्मित इस फिल्म में उन्होंने अभिनय के अलावा सह निर्देशन भी किया और वह इसके लेखक भी हैं।
आमिर खान के साथ काम करने के अपने अनुभव पर अभिनेता ने कहा कि आमिर पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही किसी फिल्म में काम करने या उसे बनाने का निर्णय लेते हैं।
दास ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘‘मुझसे छह अलग-अलग दृश्य शूट करवाने के बाद मुझे सह निर्माता के रूप में उन्होंने रखा और हमारी फिल्म में तीन मिनट की भूमिका करने को भी स्वीकार किया।’’
दास ने अपनी नयी फिल्म ‘हैप्पी पटेल’ की सफलता को लेकर मजाकिया लहजे में कहा कि उनकी इस फिल्म का बजट बॉक्स आफिस पर हंगामा मचाने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ के कैटरिंग बजट से भी कम था।
भाषा बाकोलिया नरेश नरेश नेत्रपाल
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