बाराबंकी (उप्र), 16 जनवरी (भाषा) बाराबंकी जिले में बारा टोल प्लाजा पर एक अधिवक्ता से मारपीट के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुल्क संग्रहण एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित करने और 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त करने का भी प्रस्ताव किया गया है। पुलिस ने टोल प्रबंधक सहित पांच कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु मॉल ने बताया कि 14 जनवरी को टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने वाहन निकालने को लेकर प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ मारपीट की थी। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता टोल प्लाजा पर पहुंचे और टोल संचालन बंद करा दिया।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद एनएचएआई ने शुल्क संग्रहण एजेंसी ‘एम/एस स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ का अनुबंध समाप्त कर दिया और उसे काली सूची में डालते हुए टोल संचालन का कार्यभार दूसरी एजेंसी को सौंप दिया है।
उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस भी जारी घटना के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही, एजेंसी को एक वर्ष की अवधि के लिए एनएचएआई की किसी भी निविदा या अनुबंध में भाग लेने से वंचित करने का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा अनुबंध के तहत जमा 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को जब्त करने का भी प्रस्ताव है।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा तैनात कर्मियों को आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए और अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन व शालीनता बनाए रखनी होती है।
भाषा सं जफर खारी
खारी
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