नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना को जारी रखने की मांग को लेकर देशभर के गांवों में स्वतःस्फूर्त और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
एसकेएम ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष की यादें ताजा करते हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने यहां जारी एक बयान में यह भी कहा कि 18 दिसंबर को ‘भारतीय संसद द्वारा मेहनतकश जनता के साथ विश्वासघात के दिन’ के रूप में मनाया जाएगा।
संसद ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी। पहले यह विधेयक लोकसभा से और देर रात राज्यसभा से पारित किया गया। यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा।
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