चेन्नई, 19 दिसंबर (भाषा) तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के गणना चरण के बाद सूची से कुल 97.40 लाख मतदाताओं के नाम को हटा दिया गया है और राज्य की मतदाता सूची में अब 5.43 करोड़ मतदाता हैं। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर, 2025 तक, एसआईआर से पहले की मतदाता सूची में कुल 6.41 करोड़ मतदाता थे।
सीईओ ने नये मसौदे के अनुसार कुल मतदाता सूची का विवरण देते हुए बताया कि पुरुष मतदाताओं की संख्या 2.77 करोड़ है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2.66 करोड़ है। तीसरे लिंग के मतदाताओं की कुल संख्या 7,191 है, जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 4.19 लाख है।
सचिवालय में पत्रकारों को जानकारी देते हुए पटनायक ने कहा कि निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार, तमिलनाडु में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है।
एसआईआर की प्रक्रिया का गणना चरण 14 दिसंबर को समाप्त हो गया और संशोधित सूची आज जारी कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने मसौदा सूची जारी कर पंजीकृत राजनीतिक दलों को इसका विवरण सौंप दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर ‘‘दोहरे मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सक्रिय भागीदारी के बावजूद वह मतदाता सूचियों की जारी एसआईआर प्रक्रिया की आलोचना कर रही है।
नागेंद्रन ने यहां ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘अगर द्रमुक वाकई इसका विरोध करती है, तो वे इसका बहिष्कार कर सकते थे। इसके बजाय, उन्होंने प्रक्रिया में भाग लेना चुना और बाद में राजनीतिक कारणों से इसकी आलोचना की। लोकतंत्र में ऐसा बचकाना व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि यह एक ‘‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया’’ थी जो सही समय पर आयोजित की गई थी और उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित थी।
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