नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) बोइंग के ड्रीमलाइनर विमानों में पिछले 14 वर्षों में ‘रैम एयर टर्बाइन’ (आरएटी) के किसी निर्देश के बगैर सक्रिय हो जाने की 31 घटनाएं सामने आई हैं और इनमें से अधिकांश घटनाएं रखरखाव कार्यों के छह महीने के भीतर हुई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
आरएटी प्रणाली विमान के दोनों इंजनों के नाकाम हो जाने या बिजली प्रणाली या हाइड्रोलिक प्रणाली ठप हो जाने की स्थिति में स्वतः तैनात हो जाती है। यह आपातकालीन ऊर्जा पैदा करने के लिए हवा की रफ्तार का इस्तेमाल करती है।
विमान विनिर्माता बोइंग ने चार अक्टूबर को बर्मिंघम हवाई अड्डे पर उतरने से कुछ सेकंड पहले एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर पर आरएटी प्रणाली तैनात होने की घटना को ध्यान में रखते हुए विमानन नियामक डीजीसीए को यह सूचना दी है। अमृतसर से रवाना हुआ यह विमान सुरक्षित रूप से उतर गया था।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस महीने की शुरुआत में एयर इंडिया को कहा था कि पिछले छह महीनों में आरएटी तैनाती का सामना करने वाले 16 ड्रीमलाइनर विमानों में बोइंग एएमएम (विमान रखरखाव नियमावली) के अनुरूप आरएटी भंडारण प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक दोहराए।
अधिकारी ने बताया कि सेवा में आने के बाद से ड्रीमलाइनर विमानों में कमांड के बगैर आरएटी प्रणाली सक्रिय हो जाने के 31 मामले दुनिया भर में सामने आए हैं। इन मामलों में पायलट के आदेश या स्वचालित तैनाती ट्रिगर के बगैर ही यह प्रणाली सक्रिय हो गई।
लंबी दूरी की उड़ानों में इस्तेमाल होने वाले ड्रीमलाइनर विमानों ने 14 साल पहले पहली उड़ान भरी थी। इस समय इस तरह के 1,100 से अधिक विमान परिचालन में हैं।
एयर इंडिया का एक ड्रीमलाइनर विमान 12 जून को अहमदाबाद में भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया था जिसमें 241 लोग मारे गए थे।
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